नई दिल्ली: इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक ने शनिवार को सरकार से पूछा है कि उन्होंने ऐसा क्या किया कि उन्हें 'डॉक्टर टेरर' कहकर बुलाया जाने लगा है। बांग्लादेश के ढाका में कैफे पर आतंकी हमले के बाद से विवादों में घिरे नाइक ने चेतावनी दी है कि उनके संगठन इस्लामिक रिचर्स फाउंडेशन (IRF) पर प्रतिबंध भारतीय मुसलमानों के खिलाफ नाइंसाफी होगी। उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर किया गया किसी भी तरह का हमला भारतीय मुसलमानों पर किया गया हमला है।
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जाकिर नाइक ने सरकार और देशवासियों को लिखी एक खुली चिट्ठी में कहा है कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है जिससे उन्हें भारत के दुश्मन की तरह पेश किया जाए। उन्होंने कहा कि उनके बाहर रहने के कारण ही उनके संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को बैन किए जाने की मांग हो रही है। अपनी चिट्ठी में नाइक ने कहा, 'यदि IRF और मेरे ऊपर बैन लगाया जाता है तो हाल के समय में यह मुल्क की जम्हूरियत पर सबसे बड़ा हमला होगा। यह हमला शांति, लोकतंत्र और इंसाफ के खिलाफ हमला है।'
जाकिर नाइक ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनके संगठन पर बैन लगाया जाता है तो यह कदम मुख्यधारा से कटे हर तत्व को अपनी मर्जी का कदम उठाने के लिए प्रेरित करेगा। नाइक ने कहा, 'यदि आप मुस्लिम समुदाय के इस शख्स को नीचा दिखाएंगे और उसे एक शैतान की तरह पेश करेंगे तो बाकी सबकुछ बिल्कुल आसान हो जाएगा। इसीलिए मुझे लगता है कि फिलहाल जो भी हो रहा है वह एक साजिश है।'