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कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से अलग हुआ यह सदस्य, कहा-किसान हितों से समझौता नहीं कर सकता

कृषि कानूनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है जो 4 महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। एक्सपर्ट कमेटी बनाएं जाने के फैसले के बाद किसान नेताओं ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। किसान नेता ने कहा कि हमारा आंदोलन अनिश्चितकालीन जारी रहेगा। 

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: January 14, 2021 16:17 IST
Bhupinder Mann Recuses Himself from SC Formed Panel to Resolve Impasse on Agri Laws- India TV Hindi
Image Source : FACEBOOK/BHUPINDERSINGHMANN कृषि कानूनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है जो 4 महीने में अपनी रिपोर्ट देगी।

चंडीगढ़: भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मान कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त चार सदस्यीय कमेटी से अलग हो गए हैं। मान ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह कमेटी से अलग हो गए हैं। कोर्ट ने चार सदस्यों की कमेटी बनायी थी। मान ने कहा कि कमेटी में उन्हें सदस्य नियुक्त करने के लिए वह शीर्ष अदालत के शुक्रगुजार हैं लेकिन किसानों के हितों से समझौता नहीं करने के लिए वह उन्हें पेश किसी भी पद का त्याग कर देंगे। बता दें कि मान इन तीनों कृषि कानूनों का समर्थन करते रहे हैं।

उन्‍होंने पत्र में 'किसान यूनियनों और जनता के बीच की भावनाओं और शंकाओं' का भी हवाला दिया है। उन्‍होंने लिखा है, "एक किसान और एक यूनियन नेता के तौर पर, किसान यूनियनों और जनता के बीच फैली शंकाओं को ध्‍यान में रखते हुए, मैं किसी भी पद का त्‍याग करने को तैयार हूं ताकि पंजाब और देश के किसानों के हितों के साथ समझौता न हो सके। मैं समिति से खुद को अलग कर रहा हूं और मैं हमेशा अपने किसानों और पंजाब के साथ खड़ा रहूंगा।"

बता दें कि पिछले महीने मान ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को एक खत लिखकर कुछ मांगें सामने रखी थीं। उन्‍होंने लिखा था, 'हम उन कानूनों के पक्ष में सरकार का समर्थन करने के लिए आगे आए हैं। हम जानते हैं कि उत्‍तरी भारत के कुछ हिस्‍सों में एवं विशेषकर दिल्‍ली में जारी किसान आंदोलन में शामिल कुछ तत्‍व इन कृषि कानूनों के बारे में किसानों में गलतफहमियां पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।'

गौरतलब है कि कृषि कानूनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है जो 4 महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। एक्सपर्ट कमेटी बनाएं जाने के फैसले के बाद किसान नेताओं ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। किसान नेता ने कहा कि हमारा आंदोलन अनिश्चितकालीन जारी रहेगा। हमें सुप्रीम कोर्ट की कमेटी मंजूर नहीं है। हम सुप्रीम कोर्ट की बनाई कमेटी के सामने पेश नहीं होंगे। 

उन्होनें कहा कि कमेटी के सदस्य सरकार के समर्थक है। वह किसान आंदोलन को लेकर सरकार के समर्थन में बात करते रहे है। किसान नेता ने कहा कि अगर कमेटी के सदस्य बदल भी जाएं तो भी हम कमेटी के सामने पेश नही होंगे। किसान नेता ने कहा कि 26 जनवरी को हमारा होने वाला आंदोलन ऐतिहासिक होगा। हम इस आदंलोन के बारे में 15 जनवारी को और जनकारी देंगे।

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