नई दिल्ली: पुनर्गठित लोक लेखा समिति (पीएसी) की पहली बैठक में बुधवार को कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक वाकयुद्ध के संकेत मिले जहां भाजपा सदस्सों ने विवादास्पद अगस्तावेस्टलैंड मुद्दे को उठाया जबकि कांग्रेस सदस्य ने समिति से प्रधानमंत्री की पसंदीदा मेक इन इंडिया योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करने की मांग की।
भाजपा सदस्य विजय गोयल ने मांग की कि लोक लेखा समिति (पीएसी) विवादास्पद अगस्तावेस्टलैंड मुद्दे को देखे। कांग्रेस के शांताराम नाईक चाहते थे कि पीपीपी मॉडल के मुद्दे को फिर से लिया जाए और इस संदर्भ में केंद्र के मेक इन इंडिया के क्रियान्यवन की समीक्षा करने की मांग की। तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदू शेखर राय ने कहा कि कैग पूर्व में हुए रक्षा खरीद समेत कई विषयों पर विचार कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि शर्मा ने उस मंत्रालय में काम किया था और इस बारे में हितों के टकराव का सवाल उठ सकता है।
उन्होंने यह टिप्पणी कैग की मौजूदगी में की जो समिति के समक्ष ब्यौरा रखने के लिए उपस्थित हुए थे। राय ने यह भी सुझाव दिया कि समिति को प्रशिक्षण विमान की खरीद पर कैग की रिपोर्ट पर भी विचार करना चाहिए जिसमें कैग ने कुछ अनियमितता पाई थी। बैठक में तृणमूल कांग्रेस के एक सदस्य ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) शशि कांत शर्मा की ओर से रक्षा सौदों का जांच करने पर सवाल उठाया और कहा कि यह हितों के टकराव का विषय बन सकता है क्योंकि वह पूर्व रक्षा सचिव रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि भाजपा के विजय गोयल ने जोर दिया कि पीएसी को अगस्तावेस्टलैंड पर कैग की उस रिपोर्ट पर विचार करना चाहिए जो 2013 में पेश की गई थी। समिति में भाजपा के सदस्य चाहते थे कि वीवीआईपी हेलीकाप्टर मुद्दे को विचार के लिय लिया जाए और अगर कांग्रेस सदस्य इसे लेने से मना करते हैं तब मतविभाजन की दिशा में भी बढ़ सकती है।