नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को राज्यसभा और विधान परिषद जाने वाले अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। बसपा की ओर से जारी बयान के मुताबिक, राज्यसभा के लिए दो और विधान परिषद के लिए तीन उम्मीदवार तय हुए हैं। राज्यसभा में सतीशचंद्र मिश्र के साथ फर्रुखाबाद के अशोक सिद्धार्थ भी जाएंगे।
मायावती ने कहा, "सपा, भाजपा और दूसरी पार्टियों से बसपा अलग है। हमारी पार्टी उन लोगों को टिकट देती है जो बसपा मूवमेंट के लिए काम करते हैं। इसके उलट विपक्षी पार्टियां धन्ना सेठों और उद्योगपतियों को तवज्जो देती हैं। हमारी पार्टी से जिन लोगों को टिकट दिया गया है, उन्होंने बसपा मूवमेंट के लिए कर्मठता से काम किया है।"
मायावती ने कहा कि उप्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। लगातार सांप्रदायिक माहौल बनाया जा रहा है। सरकार अपनी बदहाल व्यवस्था छिपाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल कर रही है, ताकि लोगों का ध्यान मूल मुद्दे से हटाया जा सके।
मायावती ने कहा कि इससे जनता का भला नहीं होगा, क्योंकि उनकी नीति और नीयत दोनों में खोट है। उन्होंने कहा कि जब अधिकारियों को निष्पक्ष तरीके से काम नहीं करने दिया जाएगा तो हालात कैसे सुधरेंगे।
उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा दोनों मिली हुई हैं। इनकी मिलीभगत से ही यूपी में माहौल खराब किया जा रहा है। बसपा प्रमुख ने कहा कि चुनाव को देखते हुए अवध क्षेत्र और मध्य उत्तर प्रदेश के बाकी मंडलों के संगठन और तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।