नई दिल्ली: एक बार फिर पुलिस की लापरवाही का मामला सामने आया। जहां पर एक करोड़पति लुटता रहा वही दूसरी और पुलिस सोती रही। इतनी वारदात होने के बाद भी पुलिस अपनी हरकत में नहीं आई हैं। हाल में ही ऐसा ही मामला दिल्ली का आया।
जहां पर एक करोड़पति बिजनेसमैन चार घंटे तक लुटता रहा और दिल्ली पुलिस कहीं नहीं दिखी, बिजनेसमैन को जब बदमाशों ने गाड़ी से फेंक दिया तो वो एक पीसीआर वैन के पास मदद के लिए गया लेकिन वहां भी पुलिसवाले सो रहे थे, हैरान करने वाली ये वारदात है दिल्ली के महिपालपुर इलाके की, जहां बदमाशों ने पहले बिजनेसमैन की गाड़ी में टक्कर मारी फिर उसे अगवा करके लूट लिया।
दिल्ली के बिजनेसमैन जीतेंद्र नेगी, जिनके साथ सोमवार की रात ऐसी घटना घटी है, जिसे ये ताउम्र भूल नहीं पाएंगे। इनके साथ हुई सनसनीखेज वारदात की पूरी कहानी आपको बताएं। इनके पूरे शरीर में चोटों के निशान हैं। माथे पर चोट के निशान, गाल पर जख्म, जांघों में घाव और कई जगह अंदरूनी चोट। बस भगवान का शुक्रगुजार करें या किस्मत का की इनकी जान बच गई। वरना वो रात तो इनके जिंदगी की आखिरी रात ही साबित होने वाली थी...
जानिए कैसे चोरों ने किया इस वारदात को अंजाम
तारीख- 22 अगस्त
वक्त- रात के 11.30 बजे
जगह- महिपालपुर, दिल्ली
सोमवार की रात को बिजनेसमैन जीतेन्द्र नेगी महिपालपुर के आगे एक होटल में अपने दोस्त को छोड़ने के बाद अपनी इंडीवर कार से जैसे ही वसंत कुंज अपने घर की ओर रवाना हुए कि अंधेरे मोड़ पर चार से पांच बदमाशों के एक गैंग ने अपनी गाड़ी से जीतेंद्र की कार को जोरदार टक्कर मार दी।
गाड़ी किनारे लगाकर जीतेंद्र बाहर निकले, तो बदमाशों से इनकी बहस होने लगी। इतने में एक बदमाश ने इनकी गर्दन पकड़ी, और कमर में पिस्टल लगा दी, पीछे से दो बदमाश और आ गए, और तीनों ने मिलकर इन्हें इनकी इंडीवर कार में बीच वाली सीट पर धक्का देकर गिरा दिया।
खुद की कार में किडनैपिंक, पिस्टल की नोक पर मारपीट-लूट
अब तक जीतेंद्र समझ चुके थे कि इनका सामना एक खतरनाक गैंग से हो गया है। गाड़ी चलती रही, और बदमाश इन्हें मारते पीटते रहे। बार-बार इनसे पैसे की डिमांड करते रहे, गाड़ी में आगे जीतेंद्र का पर्स रखा था, उसमें डेबिट और क्रेडिट कार्ड था। वो निकालकर जीतेंद्र से एटीएम का पिन नंबर पूछने लगे, जीतेंद्र ने अपने सभी कार्ड का पिन नंबर बदमाशों को बताया।
बदमाशों ने कई जगह गाड़ी रोकी, और एटीएम से पैसे निकाले। बदमाशों ने जीतेन्द्र से 6 लाख से ज्यादा की डिमांड की। नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। आखिरकार करीब चार घंटे तक जीतेंद्र को उनकी ही कार में किडनैप करने और मारने पीटने के बाद बदमाशों ने उन्हें शादीपुर फ्लाइओवर के पास चलती कार से धक्का दे दिया और जीतेंद्र का मोबाइल पर्स, एटीएम कार्ड और इंडीवर कार लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने दूसरे थाने का मामला बता किया रफादफा
खौफ और दहशत की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। शादीपुर फ्लाइओवर के पास खड़े जीतेंद्र का सबकुछ लुट चुका था। जेब में एक रुपया भी नहीं था। तभी जीतेंद्र को पास में खड़ी पीसीआर दिखी डरे सहमे जीतेंद्र अंधेरे कोने में खड़ी पीसीआर तक पहुंचे, तो दो पुलिसवाले गहरी नींद में सो रहे थे।
उन्हें जगाकर पूरा हाल बताया, लेकिन वो पुलिसवाले वसंत कुंज थाने का मामला बताकर टालमटोल करने लगे। जीतेन्द्र समझ चुके थे कि कहीं पर सुनवाई नहीं होने वाली। जीतेन्द्र लुट चुके थे, और आखिरकार थके कदमों से किसी तरह घर पहुंचे। शुक्र यही है कि जान बच गई।
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