इंदौर: इंदौर की जिला अदालत ने सोमवार को प्रतिबंधित संगठन सिमी के सरगना सफदर हुसैन नागौरी समेत 11 आरोपियों को देशद्रोह के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। नागोरी पर 2008 में विभिन्न शहरों में हुए एक के बाद एक धमाकों का मास्टरमाइंड होने का आरोप था। 26 जुलाई, 2008 को किए गए धमाकों में 57 लोगों की जान गई थी।
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पिछले सप्ताह इंदौर में एक विशेष अदालत ने फैसले के लिए 27 फरवरी की तारीख तय की। खास बात यह है कि अदालत ने अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद 10 आरोपियों की गुहार पर उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाया। सरकारी वकील विमल मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि विशेष अपर सत्र न्यायाधीश बीके पालोदा ने करीब 9 साल पुराने इस मुकदमे में दोनों पक्षों के अंतिम तर्क पेश करने के लिए 25 फरवरी और अपना फैसला सुनाने के लिए 27 फरवरी की तारीख मुकर्रर की थी।
इससे पहले सिमी मास्टरमाइंड नागौरी के अलावा आमिल परवेज, कामरान, अंसार, शिबली, कमरूद्दीन, हाफिज, शाहदुली, अहमद बेग और यासीन ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज करा खुद को मामले में बेकसूर बताया था। इन सभी पर भड़काऊ भाषण, देश विरोधी साहित्य रखने और ट्रेनिंग कैंप चलाने का आरोप है। 2008 में गिरफ्तारी के वक्त इनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए थे।