नई दिल्लीः सर्वोच्च न्यायालय ने पनामा पेपर्स लीक मामले में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी किया। याचिका में उन लोगों के खिलाफ जांच का अनुरोध किया गया है, जिनके नाम पनामा पेपर्स लीक से सामने आए हैं।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा एवं न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह की पीठ ने वकील एम एल शर्मा द्वारा दायर याचिका पर जांच एजेंसी को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। शर्मा ने अपनी याचिका में बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रमुख के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कदम उठाने में विफल रहे।
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न्यायालय ने सीबीआई के साथ-साथ सेबी, भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्रीय वित्त मंत्रालय को भी नोटिस जारी किया है। सभी से चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा गया है। सरकार ने उस सूची के खुलासों की जांच के लिए विभिन्न जांच एजेंसियों के मल्टी एजेंसी ग्रुप (एमएजी) का गठन किया है जिसमें करीब 500 भारतीयों के नाम हैं।
पनामा पेपर्स लीक में अभूतपूर्व सूचना है जिसमें एक करोड़ 10 लाख से अधिक दस्तावेजों में 21 विदेशी अधिकार क्षेत्रों में 2,10,000 कंपनियों का जिक्र किया गया है। हर लेन देन विभिन्न अधिकार क्षेत्रों में फैला है और इसमें कई कंपनियां एवं व्यक्ति शामिल हो सकते हैं।