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इतिहास रचने के और करीब पहुंचा चंद्रयान-2, चंद्रमा की चौथी कक्षा में किया प्रवेश, जानें आगे क्या

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 31, 2019 06:51 am IST,  Updated : Aug 31, 2019 06:54 am IST

ISRO ने शुक्रवार को कहा कि उसने ‘चंद्रयान-2’ को चांद की चौथी कक्षा में आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुक्रवार को सफलतापूर्वक पूरी की।

Chandrayaan-2: Fourth Lunar bound orbit maneuver for spacecraft performed successfully | ISRO- India TV Hindi
Chandrayaan-2: Fourth Lunar bound orbit maneuver for spacecraft performed successfully | ISRO

बेंगलुरु: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार को कहा कि उसने ‘चंद्रयान-2’ को चांद की चौथी कक्षा में आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुक्रवार को सफलतापूर्वक पूरी की। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने इस प्रक्रिया (मैनुवर) के पूरी होने के बाद कहा कि अंतरिक्ष यान की सभी गतिविधियां सामान्य है। ISRO ने एक अपडेट में कहा कि, ‘प्रणोदन प्रणाली का प्रयोग करते हुए चंद्रयान-2 अंतरिक्षयान को चंद्रमा की चौथी कक्षा में आज (30 अगस्त,2019) सफलतापूर्वक प्रवेश कराने का कार्य योजना के मुताबिक छह बजकर 18 मिनट पर शुरू किया गया।’

20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में किया था प्रवेश

ISRO ने बताया कि चंद्रमा की चौथी कक्षा में प्रवेश कराने की इस पूरी प्रक्रिया में 1,155 सेकेंड का समय लगा। इस तरह यह 124 किमी गुणा 164 किलोमीटर की अगली कक्षा में पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब 1 सितंबर 2019 को शाम 6 बजे से 7 बजे के बीच चंद्रयान-2 को चंद्रमा की पांचवी कक्षा में प्रवेश कराया जाएगा। देश की बड़ी सफलता को साबित करते हुए भारत के दूसरे चंद्रमा मिशन चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की कक्षा में 20 अगस्त को प्रवेश किया था। 


7 सितंबर को चांद पर होगी विक्रम की सॉफ्ट लैंडिंग
इसरो ने कहा कि आगामी 2 सितंबर को लैंडर ‘विक्रम’ ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और 7 सितंबर को यह चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा। लैंडर के चांद की सतह पर उतरने के बाद इसके भीतर से ‘प्रज्ञान’ नाम का रोवर बाहर निकलेगा और अपने 6 पहियों पर चलकर चांद की सतह पर अपने वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा। ISRO के वैज्ञानिकों का कहना है कि चांद पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ चंद्र मिशन-2 का सबसे जटिल चरण है। अतंरिक्ष एजेंसी ने कहा कि अंतरिक्ष यान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

22 जुलाई को अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया था चंद्रयान-2
चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को भारत के भारी वजनी रॉकेट जियोसिनक्रोनिस सैटेलाइट लॉन्च व्हिकल-मार्क-3 (जीएसएलवी एमके 3) द्वारा अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया था। अंतरिक्ष यान तीन भागों का बना है, जिसमें आर्बिटर (वजन 2,379 किग्रा, आठ पेलोड), लैंडर 'विक्रम' (1,471 किग्रा, चार पेलोड) व रोवर 'प्रज्ञान' (27 किग्रा, दो पेलोड) शामिल हैं।

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