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LAC: ठंडे मौसम के आगे बेबस चीनी सैनिक, 'ड्रैगन' ने 90 फीसदी फौज को रोटेट किया

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 06, 2021 11:51 am IST,  Updated : Jun 06, 2021 11:51 am IST

सूत्रों ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि चीनी सैनिकों के रोटेशन की बड़ी वजह मौसम है। सूत्रों ने बताया कि LAC पर तैनात चीनी सैनिक  अत्यधिक ठंड और ऊंचाई में पेश आने वाली अन्य समस्याओं से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। 

Chinese soldiers not able to deal with cold weather conditions on LAC in Ladakh LAC: ठंडे मौसम के आग- India TV Hindi
LAC: ठंडे मौसम के आगे बेबस चीनी सैनिक, 'ड्रैगन' ने 90 फीसदी फौज को रोटेट किया Image Source : AP (FILE)

नई दिल्ली. लद्दाख में LAC पर भारत और चीन के बीच विवाद को एक साल से ज्यादा वक्त हो चुका है। बीच में इस विवाद में कुछ हल निकलता दिखाई दिया था लेकिन ये विवाद अबतक पूरी तरह से सुलझ नहीं चुका है। हालांकि इस बीच सूत्रों ने हवाले से न्यूज एजेंसी ANI ने खबर है कि चीनी सैनिक लद्दाख में LAC पर ठंडे मौसम के सामने बेबस हैं। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने LAC पर तैनात अपनी 90 सेना का बदला है औऱ नए सैनिकों LAC पर लगाया गया है। पिछले साल अप्रैल-मई की समय सीमा के बाद से, चीन ने पूर्वी लद्दाख में भारतीय क्षेत्र के करीब 50,000 से अधिक सैनिकों को तैनात किया है और पैंगोंग झील क्षेत्र में आगे के स्थानों से सीमित सैनिकों की वापसी के बावजूद उन्हें वहां बनाए रखा है।

सूत्रों ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि चीनी सैनिकों के रोटेशन की बड़ी वजह मौसम है। सूत्रों ने बताया कि LAC पर तैनात चीनी सैनिक  अत्यधिक ठंड और ऊंचाई में पेश आने वाली अन्य समस्याओं से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। सूत्रों ने ये भी बताया कि पैंगोंग लेक जैसे friction points पर तैनाती के दौरान भी चीनी सैनिकों को डेली बेसिस पर रोटेट किया जाता था। आपको बता दें कि भारतीय सेना दो साल के कार्यकाल के लिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अपने सैनिकों को तैनात करती है और हर साल लगभग 40-50 प्रतिशत सैनिकों को रोटेट किया जाता है। इन परिस्थितियों में आईटीबीपी के जवानों का कार्यकाल कभी-कभी दो साल से भी ज्यादा लंबा होता है।

पिछले साल शुरुआत में चीन के आक्रमक रवैये के बाद भारत की तरफ से जोरदार जवाबी कार्रवाई की गई और सुनिश्चित किया कि उन्हें चीनी सैनिकों को जगह रोक कर रखा जाए। इसके बाद भारतीय सेना ने पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर सामरिक ऊंचाइयों पर कब्जा करके चीनी सेना को आश्चर्यचकित कर दिया, जहां से वे वहां चीनी तैनाती पर हावी थे। दोनों पक्ष इस साल की शुरुआत में पैंगोंग झील क्षेत्र में अपने-अपने स्थानों को खाली करने और वहां गश्त बंद करने पर सहमत हुए।

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