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कश्मीर में 50वें दिन भी कर्फ्यू, प्रतिबंध जारी

 Written By: India TV News Desk
 Published : Aug 27, 2016 05:43 pm IST,  Updated : Aug 27, 2016 05:43 pm IST

कश्मीर घाटी में अलगाववादियों की ओर से आहूत बंद व तनाव तथा हिंसक झड़पों के बीच शनिवार को 50वें दिन भी प्रतिबंध जारी हैं। संघर्ष में मरने वालों की संख्या 70 के पार हो गई है।

Jammu Kashmir- India TV Hindi
Jammu Kashmir Image Source : PTI

श्रीनगर: कश्मीर घाटी में अलगाववादियों की ओर से आहूत बंद व तनाव तथा हिंसक झड़पों के बीच शनिवार को 50वें दिन भी प्रतिबंध जारी हैं। संघर्ष में मरने वालों की संख्या 70 के पार हो गई है। घाटी में शनिवार को झेलम नदी से एक युवक का शव बाहर निकाला गया, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि सुरक्षा बलों द्वारा खदेड़े जाने के बाद शुक्रवार को उसने नदी में छलांग लगा दी थी।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाहनवाज खान (24) का शव दक्षिण कश्मीर के बिजबेहरा क्षेत्र के संगम गांव के पास नदी से निकाला गया। यह स्थान मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का गृहनगर है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि खान उन तीन लोगों में से एक था, जो शुक्रवार शाम प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने पहुंची पुलिस और सुरक्षाकर्मियों से बचने के लिए झेलम नदी में कूद गए थे। माना जा रहा है कि अन्य दो लोग सुरक्षित बच गए।

सीआरपीएफ के प्रवक्ता ने यहां संवाददाताओं को बताया कि सुरक्षाकर्मी पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ रहे थे। किसी को भी नदी में धकेला नहीं गया। वे खुद ही कूदे। उन्हें देखना चाहिए था कि वह तैर सकते हैं या नहीं। नाराज भीड़ ने शनिवार को खान के शव के साथ सड़क पर धरना दिया और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिया। वे सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे।

घाटी में नौ जुलाई से शुरू हुए इस संघर्षपूर्ण तनाव में अब तक करीब 11,000 लोग घायल हो चुके हैं, जिनमें 7,000 नागरिक और 4,000 सुरक्षा बल शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि शनिवार को श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों में, अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, पल्हालन और अवंतिपुरा कस्बों में कर्फ्यू जारी हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंध घाटी के बाकी हिस्सों में लागू रहेंगे।"

अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें घर में नजरबंद कर रखा गया था, लेकिन उन्होंने इसकी अवहेलना करते हुए अलगाववादियों के मार्च में शामिल होने की कोशिश की। हालांकि प्रशासन ने मार्च विफल कर दिया। गिलानी को हालांकि रिहा कर दिया गया, लेकिन मीरवाइज को फिलहाल जेल में ही रखा गया है।

सरकार ने अलगाववादी नेताओं पर युवाओं को विरोध प्रदर्शन के लिए भड़काने और सुरक्षा बलों तथा उनके शिविरों पर हमला करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। बंद के कारण सभी दुकानें, परिवहन और अन्य चीजें घाटी में ठप पड़ी हुई हैं। श्रीनगर तथा अन्य शहरों और कस्बों में बाजार कुछ घंटों के लिए खुलते हैं, ताकि लोग जरूरी चीजों की खरीदारी कर सकें। इसके अलावा एक आतंकवादी ने शनिवार को ड्यूटी पर जाते वक्त पुलवामा जिले के कोइल गांव में पुलिस हवलदार खुर्शीद अहमद गनई की हत्या कर दी।

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