श्रीनगर: कश्मीर घाटी में अलगाववादियों द्वारा आहूत बंद के मद्देनजर सोमवार को लगातार 11वें दिन भी कर्फ्यू जारी है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त है। अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि रविवार पहला दिन था जब किसी भी तरह की हिंसक वारदात में कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ। घाटी में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से ही नौ जुलाई से हिंसा का माहौल है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "एक हिंसक भीड़ ने कल (रविवार) को बांदीपोरा जिले के सदरकोट क्षेत्र में राष्ट्रीय राइफल्स के शिविर पर हमला कर दिया। सैनिकों को आत्मरक्षा के लिए गोलियां चलानी पड़ी।" उन्होंने कहा, "इस घटना में चार प्रदर्शनकारी घायल हो गए। कुछ स्थानों पर पत्थर फेंकने की घटनाओं को छोड़कर रविवार को घाटी में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति शांत रही।"
गौरतलब है कि सप्ताहभर में घाटी में हो रहे प्रदर्शनों में 40 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। प्रशासन ने आधिकारिक तौर से पुष्टि की है कि समाचार पत्रों के मालिकों से 19 जुलाई तक समाचार पत्रों का प्रकाशन नहीं करने को कहा गया है। हालांकि, केबल टेलीविजन सेवाएं बहाल हो गई हैं।
घाटी में सभी मोबाइल फोन सेवाएं, इंटरनेट और अन्य सेवाएं ठप्प पड़ी हैं। भारत संचार निगम लि. (BSNL) के पोस्ट-पेड सेल फोन पर सीमित कॉल सेवा दी जारी है। घाटी में सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 24 जुलाई तक बंद हैं। कश्मीर के बारामूला और जम्मू के बनिहाल के बीच रेल सेवाएं सोमवार को 11वें दिन भी स्थगित हैं।