नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान 'वायु' गुरुवार को गुजरात के तटीय क्षेत्र से नहीं टकराएगा। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि तूफान गुजरात तट से टकराएगा, लेकिन अब यह दिन में दोपहर बाद सौराष्ट्र क्षेत्र से होकर गुजरेगा। आईएमडी की वैज्ञानिक मनोरमा मोहंती ने यहां मीडिया से कहा, "चक्रवाती तूफान वायु गुजरात तट पर दस्तक नहीं देगा। यह वेरावल, द्वारका, पोरबंदर के पास से होकर गुजरेगा।"
मोहंती ने आगे कहा, "ऐसी संभावना है कि यह सौराष्ट्र तट के पास से उत्तर-उत्तर पश्चिमी और उसके बाद उत्तर-पश्चिम की ओर से गुजरेगा।" अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज कुमार ने कहा कि आईएमडी ने यह सूचित कर दिया है कि चक्रवाती तूफान ने अपना रास्ता बदल दिया है। हालांकि यह अभी भी तेज वायु और भारी वर्षा का कारण बन सकता है, इसलिए हम अभी भी हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।
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मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात का प्रभाव 900 किमी तक होगा तो जहां चक्रवाक का केन्द्र पोरबंदर से नहीं टकराएगा, इसका तंत्र तब भी टकराएगा जिसके चलते आंधी-तूफान और तेज बारिश जैसे कारक जुड़ें हैं। इन तीनों कारकों से लोगों को काफी खतरा हो सकता है इसलिए तैयारी के बीच रिलैक्स्ड न हों
मुंबई में हाईटाइड का अलर्ट है। बताया जा रहा है कि मुंबई में करीब 3.83 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं
पोरबंदर से इंडिया टीवी संवाददाता मनीष प्रसाद की रिपोर्ट
खतरा हुआ कम, गुजरात के तटीय इलाकों को छू कर निकल जाएगा चक्रवात वायु
गुजरात के वेरावल क्षेत्र में तेज हवाएं चलना शुरू हो गई हैं और समुद्र ने उग्र रूप धारण कर लिया है
गुजरात में NDRF और SDRF का दस्ता मौके पर मौजूद। पांच एयरपोर्ट से विमानों की आवाजाही 24 घंटे तक बंद। रेलवे ने 70 ट्रेनें कैंसिल की। 28 ट्रेनों की दूरी को कम किया गया
तूफान के ख़तरे को देखते हुए सौराष्ट्र और कच्छ इलाके से करीब 3 लाख लोगों को शिफ्ट किया गया। दीव से भी 10 हजार लोग सुरक्षित जगहों पर भेजे गए
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि 2 लाख 75 हजार से ज्यादा लोगों को वहां से हटाया जा चुका है। समुद्री तट पर होने वाली सभी गतिविधियों पर विराम लगा दिया गया है। सभी विभाग अलर्ट पर हैं
चंद घंटे बाद गुजरात में वेरावल के तट से टकराएगा 'वायु' तूफान। 170 किमी/घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
चक्रवाती तूफान "वायु" आज दोपहर गुजरात में तट से टकराएगा। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान 150 से 180 किलोमीटर तक की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
चक्रवाती तूफान "वायु" कुछ ही देर में गुजरात पहुंचने वाला है। स्थानीय प्रशासन, NDRF और तीनों सेनाओं के जवान अलर्ट पर हैं।
गुजरात के कई इलाकों में जोरदार बारिश हो रही है।
लोगों की मदद के लिए सहायता नंबर जारी किए गए हैं:-
| जिला | कंट्रोल रूम (सहायता नंबर) |
| द्वारका | 02833 - 232125 |
| जामनगर | 0288 - 2553404 |
| पोरबंदर | 0286 - 2220800 |
| दाहोद | 02673 - 239277 |
| नवसारी | +91 2637 259 401 |
| पंचमहल | +91 2637 259 401 |
| छोटा उदयपुर | +91 2669 233 021 |
| कच्छ | 02832 - 250080 |
| राजकोट | 0281 - 2471573 |
| अरावली | +91 2774 250 221 |
प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा है, ‘‘चक्रवात वायु से प्रभावित होने वाले सभी लोगों की सुरक्षा और हित के लिए प्रार्थना करता हूं। सरकार और स्थानीय एजेंसी जानकारी मुहैया करा रही हैं, जिसका मैं प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से अनुसरण करने का अनुरोध करता हूं।’’
चक्रवात ‘वायु’ के गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ की ओर बढ़ने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों को सुरक्षित रहने के लिए स्थानीय एजेंसियों द्वारा मुहैया कराई जा रही जानकारी का अनुसरण करते रहने के लिए कहा है।
सरकारी कंपनी ओएनजीसी ने अरब सागर के ऊपर चक्रवात तैयार होने के मद्देनजर पश्चिमी तट पर स्थित अपने सभी संयंत्रों को हाई अलर्ट कर दिया है। कंपनी ने हेलीकॉप्टरों की उड़ान पर भी रोक लगा दी है।
एहतियात के तौर पर सोमनाथ मंदिर में होने वाली आरती रद्द कर दी गई है। इसके अलावा 13 और 14 जून को स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
गुजरात के 10 जिलों पर तूफान का सबसे ज्यादा खतरा है। इससे कच्छ, मोरबी, जामनगर, जूनागढ़, देवभूमि-द्वारका, पोरबंदर, राजकोट, अमरेली, भावनगर और गिर-सोमनाथ जिले प्रभावित हो सकते हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक समुद्र तट से करीब 10 किलोमीटर के इलाके में तूफान का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गाधीनगर में राज्य, आर्मी और NDRF के अधिकारियों के साथ मीटिंग की और हालातों का जायजा भी लिया।
बुधवार शाम छह बजे तक चक्रवाती तूफान से प्रभावित होने वाले इलाकों से 2,02,014 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा चुका था। इसके बाद भी बचाव कार्य लगातार चल रहा है।
‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में रखे गए इस चक्रवात की संभावित आपदा के खतरे को देखते हुए दस जिलों को अलर्ट पहले ही जारी कर दिया गया था। इसके तट पर टकराने के 24 घंटे बाद भी ताकतवर बने रहने की आशंका जाहिर की गई है।
अमित शाह ने बताया कि तटरक्षक बल, नौसेना, सेना और वायु सेना की इकाइयों को तैयार रखा गया है और विमानों एवं हेलीकॉप्टरों की मदद से हवाई निगरानी की जा रही है।
गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि चक्रवात वायु से उत्पन्न खतरे को देखते हुये निचले इलाकों से करीब 3.10 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है और राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 52 टीमों को तैनात कर दिया गया है।
पश्चिम रेलवे ने वेरावल, ओखा, पोरबंदर, भावनगर, भुज और गांधीधाम स्टेशनों को जाने वाली सभी पैसेंजर और मेल ट्रेनों को बीच में ही समाप्त कर दिया गया है या फिर उन्हें बुधवार शाम छह बजे से शुक्रवार सुबह तक रद्द कर दिया है।
पश्चिम रेलवे ने चक्रवात वायु के चलते आने वाली संभावित आपदा को देखते हुये रेलवे ने 70 ट्रेनों को रद्द कर दिया और 28 ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही रोकने का फैसला किया है।
गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि चक्रवात वायु से उत्पन्न खतरे को देखते हुए निचले इलाकों से करीब 3.10 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है और राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 52 टीमों को तैनात कर दिया गया है।
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