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बड़ा खुलासा: सेना प्रमुख बोले मुझे सैन्य कमांडर बनने से रोकने की कोशिश हुई

 Written By: India TV News Desk
 Published : Aug 18, 2016 06:17 pm IST,  Updated : Aug 18, 2016 06:17 pm IST

जनरल दलबीर सिंह ने कहा, मुझे तत्कालीन सीओएएस ने सैन्य कमांडर के तौर पर नियुक्ति के जरिए पदोन्नति से वंचित करने के एकमात्र उद्देश्य से प्रताडि़त करने की कोशिश की थी।

Dalbir Suhag- India TV Hindi
Dalbir Suhag Image Source : PTI

नई दिल्ली: अपने पूर्ववर्ती अधिकारियों में से एक पर निशाना साधने के अप्रत्याशित कदम के तहत मौजूदा सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें सैन्य कमांडर के रूप में पदोन्नत किए जाने से रोकने के एकमात्र उद्देश्य से जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह ने प्रताड़ित करने की कोशिश की थी। जनरल दलबीर सिंह ने यह आरोप निजी हैसियत से दायर अपने हलफनामे में लगाया है। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) रवि दस्ताने की ओर से दायर याचिका के जवाब में यह बात कही है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सैन्य कमांडर के तौर पर उनके चयन के दौरान कथित तौर पर पक्षपात हुआ था।

जनरल दलबीर सिंह ने कहा, मुझे तत्कालीन सीओएएस ने सैन्य कमांडर के तौर पर नियुक्ति के जरिए पदोन्नति से वंचित करने के एकमात्र उद्देश्य से प्रताडि़त करने की कोशिश की थी। (19 मई 2012) के कारण बताओ नोटिस में मेरे खिलाफ झूठे, निराधार और काल्पनिक आरोप लगाए गए। वी के सिंह फिलहाल विदेश राज्य मंत्री हैं। उन्होंने कहा, कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं होने के बावजूद दुर्भावनापूर्ण तरीके से मेरे खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने कहा, जो भी संबंधित परिस्थितियां थीं, मुझे कोई सामग्री प्रदान नहीं की गई। इसके अलावा कारण बताओ नोटिस अस्पष्ट, पूर्व नियोजित और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ था।

दलबीर सिंह को 2012 में तत्कालीन सीओएएस वी के सिंह ने अनुशासन और सतर्कता  (डीवी) प्रतिबंध के तहत रखा था। उनके खिलाफ यह कार्रवाई कथित तौर पर कमांड एवं कंट्रोल की विफलता के लिए की गई थी। असम के जोरहाट में 20 से 21 दिसंबर 2011 की रात को तीसरी कोर की खुफिया एवं निगरानी इकाई द्वारा किए गए ऑपरेशन की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए थे। दलबीर सिंह तब यूनिट के जनरल ऑफिसर कमांडिंग थे। उन्होंने कहा कि उनपर डीवी प्रतिबंध लगाना और तत्कालीन सीओएएस द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करना अवैध और पूर्व नियोजित था। उन्होंने कहा, यह इसलिए स्थापित है कि मुझे तत्कालीन सीओएएस ने असंगत कारणों से प्रताडि़त किया और इसलिए तत्कालीन सीओएएस द्वारा अवैध डीवी प्रतिबंध लगाए जाने को अपीलकर्ता द्वारा पूर्वी कमान में जीओसी-इन-सी के तौर पर मेरी नियुक्ति को चुनौती का आधार नहीं बनाया जा सकता। दरअसल, उत्तर देने वाला प्रतिवादी पीड़ित है और अपीलकर्ता नहीं, जैसा बनाने की कोशिश की जा रही है।

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