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जंग की वजह से दिवाली नहीं मनाएंगी डीसीडब्ल्यू की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल

 Written By: IANS
 Published : Oct 30, 2016 07:39 am IST,  Updated : Oct 30, 2016 07:39 am IST

दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल दिवाली नहीं मनाएंगी। उन्होंने यह फैसला अपने उन कर्मचारियों के प्रति एकजुटता दर्शाने के लिए लिया है, जिन्हें वेतन देने से इंकार कर दिया गया है।

Swati Maliwal- India TV Hindi
Swati Maliwal

नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल दिवाली नहीं मनाएंगी। उन्होंने यह फैसला अपने उन कर्मचारियों के प्रति एकजुटता दर्शाने के लिए लिया है, जिन्हें वेतन देने से इंकार कर दिया गया है। सदस्य सचिव द्वारा ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों का वेतन रोकने के एक दिन बाद मालीवाल ने एक साक्षात्कार में कहा, "हमें अच्छे काम करने की सजा मिली है।" उन्होंने कहा, "जब भी मैं अपने कार्यालय में घुसती हूं और वेतन देने से मना किए गए 90 लोग जब मेरी ओर देखते हैं, तो मैं बेहद दोषी महसूस करती हूं।"

मालीवाल के मुताबिक, उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा सात अक्टूबर को डीसीडब्ल्यू में सदस्य सचिव नियुक्त की गईं अलका दीवान ने ठेके पर रखे गए कर्मचारियों को दो महीने का वेतन जारी करने से इंकार कर दिया। मालीवाल ने दीवान की नियुक्ति को अवैध बताते हुए कहा कि वह वैट आयुक्त थीं और डीसीडब्ल्यू में पार्ट टाइम जॉब कर रही हैं। नियुक्ति प्रक्रिया में डीसीडब्ल्यू की स्वायत्तता की अनदेखी की गई। डीसीडब्ल्यू के लिए ठेके पर काम करने वालों में अधिकांश महिलाएं हैं। इनमें से कुछ एसिड अटैक पीड़िता हैं तो कुछ अनाथ।

उन्होंने कहा, "अगर मैं अपने साथ काम करने वाली एसिड अटैक की पीड़ितों व अनाथ लड़कियों को वेतन दिला पाने में अक्षम हूं, तो मैं दिवाली कैसे मना सकती हूं? इसके कारण मैं बेहद दुखी हूं।" मालीवाल ने कहा, "वे बेहद कड़ी मेहनत करती हैं और उन्हें परिवार का पेट भी पालना है। उन्हें दो महीने से तनख्वाह नहीं मिली है। उनकी यह दिवाली बर्बाद हो गई। इसलिए मैं कैसे दिवाली मना सकती हूं।" मालीवाल के साथ दिक्कत यह है कि इन सबों की नियुक्ति उन्होंने नहीं की है और कर्मचारियों को इस तरह के हालात का सामना पहले नहीं किया है।

उन्होंने कहा, "ठेके पर रखे गए कुछ कर्मचारी आयोग के लिए बीते 20 वर्षो से काम कर रहे हैं। और इसके बावजूद ठेके पर रखे गए सभी कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगा दी गई।" मालीवाल ने कहा, "पहली बार डीसीडब्ल्यू के कर्मचारियों का वेतन रोका गया है। अगर ऐसा पहले कभी नहीं हुआ, तो अब ऐसा क्यों हो रहा है?" आम आदमी पार्टी (आप) की सदस्य मालीवाल लंबे समय से कार्यकर्ता हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डीसीडब्ल्यू के अध्यक्ष पद के लिए नामित किया था। पहले तो जंग उनकी नियुक्ति से खुश नहीं थे, पर बाद में मान गए।

हाल में मालीवाल पर नियमों का उल्लंघन कर कर्मचारियों की नियुक्ति का आरोप लगाते हुए पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। मालीवाल ने हालांकि आरोपों से इंकार किया है। मालीवाल ने कहा, "मेरे खिलाफ दो झूठे मामले दर्ज कराए गए हैं। मेरे दादा-दादी इस बारे में बातचीत करते हैं और दुखी होते हैं। इससे उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है।" उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "आयोग को कुचलने के लिए एक अजीब तरह का माहौल बनाया जा रहा है।" अध्यक्ष ने कहा, "बिना किसी कर्मचारी के मैं 181 हेल्पलाइन का संचालन कैसे करूंगी? बिना किसी कर्मचारी के रेप क्राइसिस सेल का संचालन कैसे करूंगी? अगर आप वर्तमान कर्मचारियों से खुश नहीं है, तो उन्हें हटा दीजिए। कम से कम कुछ तो कीजिए।"

उन्होंने कहा, "हम बिना कर्मचारी के काम नहीं कर सकते हैं। पिछले साल हमने लगभग 12,000 मामलों को निपटाया।" मालीवाल ने कहा, "181 हेल्पलाइन पर पिछले छह महीनों के दौरान 2.16 लाख कॉल आए। आयोग का प्रत्येक सदस्य 50-60 मामलों की सुनवाई करता है। सारे काम करने के लिए हमें कर्मचारियों की जरूरत है।"

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