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EXCLUSIVE: पाकिस्तान की साजिश का सबसे बड़ा सबूत, ISI और आतंकी की बातचीत का ऑडियो

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 18, 2018 11:29 am IST,  Updated : Jan 18, 2018 03:00 pm IST

शफी कह रहा है कि पाकिस्तान आइये, सस्ता मुल्क है, कोई खिदमत हो तो बताइगा। मलेशिया बहुत महंगा मुल्क है। यहां पाकिस्तान आ जाओ।

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EXCLUSIVE: पाकिस्तान की साजिश का सबसे बड़ा सबूत, ISI और आतंकी की बातचीत का ऑडियो

नई दिल्ली: भारत के खिलाफ पाकिस्तान की साजिश का बड़ा सबूत सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट और नेपाल में बैठे आतंकवादियों की बातचीत का ऑडियो पकड़ा है जिसमें आईएसआई का एजेंट आतंकियों से ये कह रहा है कि वो पाकिस्तान आए। उनकी जमकर खिदमत की जाएगी। इस ऑडियो में आईएसआई एजेंट शफी एक आतंकी शमशुल होदा से बात कर रहा है। शफी कह रहा है कि पाकिस्तान आइये, सस्ता मुल्क है, कोई खिदमत हो तो बताइगा। मलेशिया बहुत महंगा मुल्क है। यहां पाकिस्तान आ जाओ। बता दें कि शमशुल होदा वही आतंकी है जिसपर कानपुर के पास रेल हादसे की साजिश रचने का आरोप है और जिसे नेपाल से गिरफ्तार किया गया था।

कौन है शमसुल होदा?

शमसुल होदा नेपाल का रहनेवाला है और दुबई में बिजनेस करता था। सूत्रों के अनुसार होदा का पाकिस्तान के आईएसआई और दाउद इब्राहिम से भी करीबी संबंध है। शमशुल होदा नेपाल की पोलिटिक्स में भी किस्मत आजमाया और बाद में वह नेपाल में ही आइएसआइ के संपर्क में आया और फिर दुबई चला गया। सूत्रों के मुताबिक़ शमशुल होदा नेपाल में चुनाव भी लड़ चुका था और आइएसआइ से समपर्क में आने के बाद उसे बिहार नेपाल सीमा पर स्लीपर सेल बनाने का जिम्मा मिला। दुबई में रहने के दौरान भी शमशुल होदा अपने लोंगो के जरिये भारत के खिलाफ स्लीपर सेल को संगठित करता रहा और छोटी बड़ी घटनाओ को अंजाम देने के फिराक में रहता था। पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन और कानपुर में इंदौर-पटना रेल एक्सप्रेस के पीछे शमसुल होदा का हाथ रहा है।

वहीं सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि अगले कुछ महीनों में नियंत्रण रेखा के पार से बड़े पैमाने पर घुसपैठ की कोशिश हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि घुसपैठ में मदद के मकसद से पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा सीमा को ‘सक्रिय’ रखा जा रहा है। ‘ऑब्सर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) द्वारा आयोजित ‘रायसीना संवाद’ में सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘पाकिस्तान में बहुत ज्यादा आतंकवादी ठिकाने हैं और कश्मीर में आतंकवाद को फिर से मजबूत करने के लिए कोशिश हो रही है क्योंकि लोगों को महसूस होता है कि घाटी में शांति लौट रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में हम देख रहे हैं कि अगले कुछ महीनों में बड़े पैमाने पर घुसपैठ हो सकती है।’’ उन्होंने यह भी कहा कश्मीर के लोग समझने लगे हैं कि भारत से अलग होना बहुत मुश्किल है और वे उग्रवाद से भी आजिज आ चुके हैं। जनरल रावत ने कट्टर संगठनों की ओर चले गये युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के अभियान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में उग्रवाद की समस्या पर रोक लगेगी।

सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘वे लंबे समय से यह देख रहे हैं और उन्हें समझ में आ गया है कि उन्हें इससे वो नहीं मिला, जो वे चाहते थे। मैं आपको बता दूं कि भारत जैसे देश की बात करें तो एक ऐसे देश से आजादी की मांग करना जहां मजबूत सशस्त्र बल हैं, जहां मजबूत लोकतंत्र है, और बहुत मजबूत सरकार है, आप भारत से अलग नहीं हो सकते। इस बात को लोग समझ चुके हैं।’’

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