नयी दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सारदा चिट फंट घोटाला मामले में मनीलाउंड्रिंग संबंधी अपनी जांच के सिलसिले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम को समन भेजा है। नलिनी को अगले महीने के शुरू में मामले के जांच अधिकारी के सामने कोलकाता में पेश होने के लिए कहा गया है।
पेशी के दौरान धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत उनका बयान दर्ज किये जाने की उम्मीद है। उनसे उनके निजी वित्त के बारे में और सारदा समूह से उनके संबंध से जुड़े दस्तावेज भी लाने को कहा गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उच्चतम न्यायालय की वकील नलिनी को सारदा समूह द्वारा कानूनी फीस अदा किए जाने से यह विषय जुड़ा हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक यह 1. 26 करोड़ रूपये की राशि से जुड़ा मुद्दा है और प्रवर्तन निदेशालय सारदा कपंनी के खातों से उन्हें हुए धन के प्रवाह और संबंधित अनुबंध के बारे में जानना चाहता है। इस सिलसिले में उनसे सीबीआई द्वारा पूछताछ की जा चुकी है। ईडी ने अन्य आरोपियों द्वारा मुहैया किए गए दस्तावेजों की छानबीन के जरिए उनकी भूमिका की जांच की थी।
सूत्रों ने दावा किया कि नये साक्ष्यों के प्रकाश में आने के बाद उन्हें फिर समन जारी किया गया है। फिलहाल, जेल में कैद सारदा समूह के अध्यक्ष सुदीप्त सेन ने नलिनी को वकील के रूप में रखे जाने का उल्लेख किया था। उन्होंने बताया था कि कांगे्रस नेता मतंग सिंह से अलग रह रही उनकी पत्नी मनोरंजना सिंह के आग्रह पर नलिनी को वकील के रूप में रखा गया था।
नलिनी ने मनोरंजना का प्रतिनिधित्व किया और पूर्वोत्तर में समूह द्वारा एक टीवी चैनल हासिल करने की योजना के सिलसिले में सेन के साथ उनकी बातचीत में उनसे पेशेवर सलाह देने को कहा गया । समझा जाता है कि नलिनी ने उन्हें सलाह दी थी कि 42 करोड़ रूपये लगाकर समूह को टीवी चैनल हासिल करने की तरफ कदम नहीं बढ़ाना चाहिए ।