नयी दिल्ली: नियंत्रण रेखा के पार भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से बौख़लाया आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरग़ना हाफ़िज़ सईद 2001 में संसद पर हुए हमले की तर्ज पर एक बार फिर संसद में इसी तरह के हमले की योजना बना रहा है।
एक अंग्रेज़ी दैनिक ने ख़ुफ़िया सूत्रों के हवाले से ये ख़बर छापी है। अख़बार के मुताबिक़ नियंत्रण रेखा के पार भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान का खुफिया संगठन आईएसआई इस कदर बौखलाया हुआ है कि उसने 'जैश-ए-मोहम्मद' से इसका बदला लेने को कहा है।
ग़ौरतलब है कि भारतीय सेना द्वारा नियंत्रण रेखा (LOC) के पार आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक में पाकिस्तान स्थित हाफिज सईद के नेतृत्व वाले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा। खुफिया एजेंसियों द्वारा पकड़़ी गई बातचीत संबंधित आकलन रिपोर्ट के मुताबिक लश्कर के लगभग 20 आतंकवादी मारे गए हैं।
हालिया सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार भारतीय सेना की फील्ड यूनिटों से उपलब्ध आकलन रिपोर्ट में विभिन्न पाकिस्तानी प्रतिष्ठानों के बीच हुई रेडियो बातचीत शामिल है। इससे पता चलता है कि उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर के सामने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर स्थित दुदनियाल आतंकी शिविर में लश्कर-ए-तैयबा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
सूत्रों ने रविवार को बताया कि क्षेत्र में सेना की डिविजन से ली गईं 5 टीमों को कैल तथा दुदनियाल स्थित आतंकी समूहों के ठिकानों को नष्ट करने का काम सौंपा गया था। गत 28 और 29 सितंबर की रात को शुरू हुए समन्वित अभियान में भारतीय सैनिक नियंत्रण रेखा के पार पहुंचे और LoC से 700 मीटर की दूरी पर स्थित एक पाकिस्तानी चौकी की सुरक्षा में स्थित चार आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। सूत्रों ने बताया कि आतंकियों को भारतीय सेना की ओर से कार्रवाई किए जाने की उम्मीद नहीं थी और इसलिए वे भौंचक्के रह गए। आकलन रिपोर्ट के मुताबिक जब भारतीय सैनिकों ने इन आतंकवादियों को मारना शुरू किया तो वे पाकिस्तानी चौकी की तरफ भागते देखे गए।