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राफेल पर यूपीए की बातचीत के दौरान एचएएल और दसॉल्ट एविएशन के बीच थे गंभीर मतभेद: सूत्र

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 20, 2018 10:52 pm IST,  Updated : Sep 20, 2018 10:59 pm IST

यूपीए सरकार जब फ्रांस की कंपनी से राफेल विमानों पर समझौते पर बातचीत कर रही थी तब हिन्दुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटिड (एचएएल) और दसाल्ट एविएशन के बीच भारत में इन जंगी विमानों के उत्पादन को लेकर ‘गंभीर मतभेद’ थे।

Rafale Deal- India TV Hindi
Rafale Deal

नयी दिल्ली: यूपीए सरकार जब फ्रांस की कंपनी से राफेल विमानों पर समझौते पर बातचीत कर रही थी तब हिन्दुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटिड (एचएएल) और दसाल्ट एविएशन के बीच भारत में इन जंगी विमानों के उत्पादन को लेकर ‘गंभीर मतभेद’ थे। सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पिछली संप्रग सरकार ने 2012 में दसाल्ट एविएशन कंपनी से 126 मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बेट विमान खरीदने की बातचीत शुरू की थी। 

योजना यह थी कि दसाल्ट एविएशन 18 राफेल विमान तैयार हालत में देगी जबकि कंपनी एचएएल के साथ भारत में 108 विमानों का निर्माण कराएगी। बहरहाल यह करार नहीं हो पाया। सूत्रों ने बताया कि 11 अक्तूबर 2012 को एचएएल ने रक्षा मंत्रालय को एक पत्र लिखकर एचएएल और राफेल विमान के निर्माता दसाल्ट एविएशन के बीच काम को साझा करने को लेकर विभिन्न असहमतियों को सामने रखा था। 

सूत्रों ने बताया कि इसके बाद, जुलाई 2014 में मंत्रालय को लिखे पत्र में एचएएल ने विमानों के निर्माण के लाइसेंस के लिए दसाल्ट और एचएएल के बीच जिम्मेदारी साझा करने के एक मुख्य अनसुलझे मुद्दे को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की राय थी कि एचएएल राफेल जेट बनाने के लिए सक्षम है जो गलत थी। सूत्रों ने बताया कि जब संप्रग सरकार फ्रांसीसी कंपनी के साथ करार को लेकर बातचीत कर रही थी तब एचएएल और दसाल्ट एविएशन के बीच गंभीर मतभेद थे। 

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