नई दिल्ली: प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के 5 शीर्ष आतंकवादियों को विशेष एनआईए अदालत ने फरवरी 2013 में हैदराबाद में हुए बम धमाकों के मामले में आज मौत की सजा सुनाई। यह पहला मामला है जब इंडियन मुजाहिदीन के किसी आतंकवादी को दोषी ठहराया गया है।
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अदालत ने गत 13 दिसंबर को इंडियन मुजाहिदीन के सह-संस्थापक मोहम्मद अहमद सिद्दीबापा उर्फ यासीन भटकल, पाकिस्तानी नागरिक जिया-उर-रहमान उर्फ वकास, असदुल्ला अख्तर उर्फ हड्डी, तहसीन अख्तर उर्फ मोनू और एजाज शेख को दोषी ठहरया था। ये आतंकवादी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और यहां के चेरलापल्ली केंद्रीय कारागार में हैं।
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बता दें कि 2013 में हैदराबाद के दिलसुखनगर के भीड़ भरे बाजार वाले इलाके में हुए इन धमाकों में 18 लोगों की मौत हो गई थी और 130 घायल हो गए थे। यह पहली बार है जब यासीन भटकल सहित इसके शीर्ष आतंकियों को किसी आतंकी हमले में दोषी ठहराया गया। साल 2010 में इंडियन मुजाहिदीन को आतंकी संगठन घोषित कर उसे बैन कर दिया गया था।
विशेष एनआईए अदालत में गत सात नवंबर को इस मामले में अंतिम दलीलें पूरी हुई थीं। चूंकि मामले का प्रमुख आरोपी और इंडियन मुजाहिदीन का संस्थापक रियाज भटकल फरार है इसलिए उसके खिलाफ मुकदमे को अलग कर दिया गया था।
कौन है भटकल?
आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का फाउंडर मेंबर यासीन भटकल का जन्म 1983 में कर्नाटक के तटीय शहर भटकल में हुआ था। यासीन को मोहम्मद अहमद सिद्धीबप्पा के नाम से भी जाना जाता है।
आईएम के गठन से पहले वह सिमी का सक्रिय सदस्य था।