नई दिल्ली: भारत में लंबी अवधि के वीजा पर रह रहे पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों को जल्द यहां संपत्ति खरीदने, बैंक खाते खोलने और पैन एवं आधार कार्ड हासिल करने की इजाजत दी जाएगी क्योंकि मोदी सरकार इन लोगों के लिए विशेष सुविधाओं की योजना बना रही है। केंद्र की भाजपा नीत सरकार इन लोगों को जो अन्य सहूलियतें देने के बारे में विचार कर रही है उनमें भारत के नागरिक के तौर पर पंजीकरण के लिए शुल्क को 15,000 रुपए को घटाकर सिर्फ 100 रुपए करने की सुविधा शामिल है।
भारत में रहने वाले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों की वास्तविक संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं है, हालांकि अनुमानित आधिकारिक आंकड़े के अनुसार ऐसे करीब दो लाख लोग हैं जिनमें अधिकांश हिंदू और सिख हैं। जोधपुर, जैसलमेर, जयपुर, रायपुर, अहमदाबाद, राजकोट, कच्छ, भोपाल, इंदौर, मुंबर्द, नागपुर, पुणे, दिल्ली और लखनऊ में पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों की करीब 400 बस्तियां हैं।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है, केंद्र सरकार भारत में लंबी अवधि के वीजा पर रहे रहे पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों को पेश आ रही मुश्किलों की निरंतर समीक्षा कर रही है। उनकी कुछ मुश्किलों को कम करने के लिए सुविधाएं प्रदान करने का प्रस्ताव है। इन लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं में कुछ खास परिस्थितियों में भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति के बिना बैंक खाते खोलने की इजाजत देना, अपने रहने के लिए जगह और स्वरोजगार के लिए उचित स्थान खरीदने की अनुमति देना शामिल हैं, हालांकि इनके लिए कुछ शर्तों को पूरा करना होगा।
पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को ड्राइविंग लाइसेंस, पैन एवं आधार कार्ड जारी करने, स्व-रोजगार करने के लिए इजाजत देने, पंजीकरण के लिए विदशी नागरिक पंजीकरण कार्यालय के समक्ष निजी तौर पर उपस्थित होने की जरूरत से छूट देने जैसी सुविधाएं देने पर भी विचार किया जा रहा है। जहां वे रह रहे हैं उन राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में स्वतंत्र आवाजाही की इजाजत देने, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वालों को भी स्वतंत्र आवाजाही की छूट देने तथा दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जाने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
लंबी अवधि के वीजा के कागजात को एक राज्य :केन्द्रशासित प्रदेश से दूसरे राज्य :केन्द्रशासित प्रदेश में भेजने की इजाजत देने, लघु अवधि के वीजा को आगे नहीं बढ़ा पाने पर लगने वाला जुर्माना माफ करने, वर्तमान आवास स्थल से लंबी अवधि के वीजा के लिए आवेदन करने की इजाजत देने पर भी विचार हो रहा है।