नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) ने आज साउथ एशिया सैटेलाइट लॉन्च कर अंतरिक्ष के क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। श्रीहरिकोट से इसरो ने सार्क देशों के लिए इस GSAT-9 सैटेलाइट को लॉन्च किया। पाकिस्तान को छोड़कर सार्क के बाकी देश इस सैटेलाइट से लाभान्वित होंगे।
इसरो ने कहा है कि जीसैट-9 मानक प्रथम-2के के तहत बनाया गया है। उपग्रह की मुख्य संरचना घनाकार है, जो एक केंद्रीय सिलेंडर के चारों तरफ निर्मित है। इसकी मिशन अवधि 12 साल से ज्यादा है। एक अधिकारी के अनुसार, इसरो ने प्रायोगिक आधार पर उपग्रह को इलेक्ट्रिक पॉवर देने का फैसला किया है।
आठ सार्क देशों में से सात देश इस योजना का हिस्सा हैं। वहीं पाकिस्तान ने यह कहते हुए इस योजना से बाहर रहने का फैसला किया कि उसके पास अपना अंतरिक्ष कार्यक्रम है।
GSAT-9 भारत की तरफ से पड़ोसी दक्षिण एशियाई देशों के लिए एक तोहफे की तरह है। वहीं पाकिस्तान के इस योजना से बाहर रहने के कारण उसे इस प्रक्षेपण से कोई फायदा नहीं मिलेगा। इस उपग्रह को अंतरिक्ष एजेंसी स्वेदशी क्रायोजेनिक अपर स्टेज के साथ अपने रॉकेट जीएसएलवी-एफ 09 से प्रक्षेपित करेगी। 235 करोड़ के इस मिशन का समयकाल 12 वर्ष का है।
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