पाकिस्तान ने चीन से EO-2 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट लॉन्च किया है जो विकास योजना, पर्यावरण निगरानी, आपदा प्रबंधन और संसाधन मैपिंग में मदद करेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक यह उपग्रह मुख्य रूप से नागरिक उपयोग के लिए है और इससे भारत को किसी तरह का सुरक्षा खतरा नहीं है।
ISRO द्वारा सोमवार को लॉन्च किए गए मिशन में तकनीकी गड़बड़ी की बात सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, लॉन्चिंग के बाद थर्ड फेज के आखिरी में आई तकनीकी खामी के बाद यान तय रास्ते से भटक गया।
नए साल में भारत के ISRO ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई। इसरो ने PSLV C-62 मिशन के तहत भारत के सैटेलाइट EOS-N1 को अंतरिक्ष में लॉन्च किया है। ये लॉन्चिंग सुबह करीब 10 बजकर 17 मिनट पर श्री हरिकोटा से की गई। हालांकि, इस मिशन में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई।
ISRO नए साल 2026 के लिए अपना पहला लॉन्च सोमवार को करने जा रहा है। इस लॉन्च में गुजरात के अहमदाबाद के छात्रों द्वारा बनाया गया SanskarSat-1 सैटेलाइट भी शामिल होगा। आइए जानते हैं इस सैटेलाइट के बारे में विस्तार से।
ISRO ने साल 2026 के लिए अपने पहले लॉन्च की घोषणा कर दी है। इसरो ने बताया है कि वह आगामी 12 जनवरी की तारीख को अंतरिक्ष के लिए सैटेलाइट लॉन्च करेगा।
इसरो ने इस कम्यूनिकेशन सैटेलाइट को निर्धारित लॉन्चिंग टाइम से करीब डेढ़ मिनट की देरी से लॉन्च किया। अगर 90 सेकेंड की देरी नहीं होती तो इस मिशन में बड़ी बाधा आ सकती थी।
इसरो के मुताबिक 6100 किलोग्राम वजनी यह सैटेलाइट एलवीएम-3 के प्रक्षेपण इतिहास में पृथ्वी के लो-ऑर्बिट (LEO) में स्थापित किया जाने वाला अब तक सबसे भारी पेलोड होगा।
इसरो ने बताया कि 6,100 किलोग्राम वजनी यह कम्यूनिकेशन सैटेलाइट एलवीएम3 के प्रक्षेपण इतिहास में पृथ्वी की निम्न कक्षा (एलईओ) में स्थापित किया जाने वाला अब तक सबसे भारी सैटेलाइट है।
भारतीय सेना को एक और बड़ी ताकत मिलने जा रही है। ISRO जल्द ही EOS-09 सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहा है। आइए जानते हैं कि इसस हमारे सैन्य बलों को क्या फायदा होगा।
Amazon ने अपनी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। कंपनी ने अपने प्रोजेक्ट कुयिपर के 27 सैटेलाइट लॉन्च किए हैं।
इसरो ने हाल ही में अपना 100वां मिशन लॉन्च किया था, लेकिन इस मिशन में अब इसरो को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसरो को NVS-02 सैटेलाइट को मनचाहे ऑर्बिट में स्थापित करने के अपने मिशन में थ्रस्टर फेल होने की वजह से झटका लगा है।
इसरो ने स्पेडेक्स मिशन के तहत अंतरिक्ष में दो सेटेलाइट्स की डॉकिंग का चौथा प्रयास किया। इसरो सूत्रों के मुताबिक, वैज्ञानिकों को इस प्रयास में कामयाबी मिल गई है।
इसरो ने SpaDeX Mission को लॉन्च करके नया कीर्तिमान रचा है। रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है, जिसके पास डॉकिंग करने की टेक्नोलॉजी है।
इजरायल के साथ चल रहे भारी तनाव के बीच ईरान ने अंतरिक्ष में सफल प्रक्षेपण का दावा करके अपने दुश्मनों को बड़ी चुनौती दे दी है। ईरान के इस दावे की अमेरिका और इजरायल ने समीक्षा शुरू कर दी है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की मदद से एक अहम सैटेलाइट को लॉन्च किया है। जिस सैटेलाइट को लॉन्च किया गया है उसे GSAT N-2 के नाम से जाना जाता है।
अमेरिका ने ईरान से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों से जुड़ी कोई गतिविधि न करने का आह्वान किया गया था। ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से संबंधित संयुक्त राष्ट्र की पाबंदियां पिछले साल अक्टूबर में खत्म हो गई थीं।
सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से SSLV-D3-EOS-08 सफलता पूर्वक लॉन्च हो गया है। इस सफल प्रक्षेपण के बाद अब आपदा निगरानी, पर्यावरण निगरानी और बाढ़ का पता लगाने में किया जा सकेगा।
जापान ने उत्तर कोरिया की बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण का करारा जवाब दिया है। आज जापान ने अपना नया पृथ्वी निगरानी उपग्रह प्रक्षेपित किया है। जापान के एच3 नंबर 3 रॉकेट ने दक्षिण पश्चिमी के एक द्वीप पर तानेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी और करीब 16 मिनट बाद तय योजना के अनुसार अपना ‘पेलोड’ (उपग्रह) छोड़ा।
पाकिस्तान ने चीन की मदद से बहुउद्देश्यी संचार उपग्रह का प्रक्षेपण किया है। इसे चीन ने अपने दक्षिणी-पश्चिमी सिचुआन प्रांत से लॉन्च किया है। इससे पाकिस्तान की इंटरनेट कनेक्टिविटी काफी तीव्र हो जाएगी।
उत्तर कोरिया जल्द ही एक और सैन्य जासूसी उपग्रह का प्रक्षेपण करने जा रहा है। इससे अमेरिका और दक्षिण कोरिया का तनाव बढ़ गया है। किम जोंग उन की तरफ से जापान को इस प्रस्तावित प्रक्षेपण की जानकारी दे दी गई है।
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