Tuesday, February 17, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. गुजरात
  3. अहमदाबाद के 15 छात्रों ने बना दिया ‘SanskarSat-1’ सैटेलाइट, ISRO करेगा लॉन्च, क्या हैं इसकी खूबियां?

अहमदाबाद के 15 छात्रों ने बना दिया ‘SanskarSat-1’ सैटेलाइट, ISRO करेगा लॉन्च, क्या हैं इसकी खूबियां?

Edited By: Subhash Kumar @ImSubhashojha Published : Jan 12, 2026 08:07 am IST, Updated : Jan 12, 2026 08:26 am IST

ISRO नए साल 2026 के लिए अपना पहला लॉन्च सोमवार को करने जा रहा है। इस लॉन्च में गुजरात के अहमदाबाद के छात्रों द्वारा बनाया गया SanskarSat-1 सैटेलाइट भी शामिल होगा। आइए जानते हैं इस सैटेलाइट के बारे में विस्तार से।

SanskarSat-1 satellite ahmedabad students- India TV Hindi
Image Source : REPORTER छात्रों ने बनाया SanskarSat-1 सैटेलाइट।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO सोमवार 12 जनवरी को नए साल का पहले लॉन्च करने जा रहा है। इस लॉन्च में भेजे जाने वाले सैटेलाइटों में ‘SanskarSat-1’ सैटेलाइट भी शामिल है। आपको बता दें कि इस सैटेलाइट को गुजरात के अहमदाबाद में स्थित संस्कारधाम के छात्रों ने डिजाइन किया और बनाया है। आइए जानते हैं कि छात्रों ने इस सैटेलाइट को कैसे बनाया और इस सैटेलाइट की खूबियां क्या हैं।

7वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों का कमाल

SanskarSat-1 सैटेलाइट एक अनोखी और अपनी तरह की पहली पहल है जिसके 7वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों ने बनाया है। छात्रों ने एक असली सैटेलाइट मिशन पर शुरू से आखिर तक काम किया है। कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर छात्रों ने स्पेस टेक्नोलॉजी के प्रैक्टिकल डेवलपमेंट के ज़रिए अपनी सीख को असल ज़िंदगी में लागू करने पर काम किया है।

क्या हैं SanskarSat-1 की खूबियां?

दरअसल, SanskarSat-1 सैटेलाइट एक छोटा क्यूबसैट है। इसे मुख्य रूप से  सीखने और एक्सपेरिमेंट के लिए डिजाइन किया गया है। आपको बता दें कि क्यूबसैट एक तरह का छोटा सैटेलाइट होता है जिसे अंतरिक्ष रिसर्च और टेक्नोलॉजी दिखाने के लिए क्यूब के आकार में बनाया जाता है। इस सैटेलाइट को बड़े सैटेलाइट के साथ पिगीबैक पेलोड के तौर पर लॉन्च किया जा सकता है। SanskarSat-1 सैटेलाइट के माध्यम से छात्र ये सीखेंगे कि सैटेलाइट पृथ्वी से कैसे कम्युनिकेट करते हैं और डेटा कैसे मिलता है और उसका एनालिसिस कैसे किया जाता है।

15 छात्रों ने 5 टीमों में किया काम

SanskarSat-1 सैटेलाइट को बनाने के दौरान छात्रों ने अपने कैंपस में एक ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन का भी निर्माण किया और इसे चलाया ताकि रियल-टाइम डेटा इकट्ठा करने और खेती और मौसम की निगरानी के लिए सैटेलाइट एप्लीकेशन को समझा जा सके। SanskarSat-1 सैटेलाइट को बनाने के प्रोजेक्ट में 15 छात्र शामिल थे। इन छात्रों ने 5 टीमों में प्रोजेक्ट में योगदान दिया। इनमें डिज़ाइन, फैब्रिकेशन, मिशन प्लानिंग, असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग और क्वालिटी एश्योरेंस शामिल हैं।

ये भी पढ़ें- ISRO ने कर दी साल 2026 के पहले लॉन्च की घोषणा, कब और कौन सी सैटेलाइट अंतरिक्ष भेजी जाएगी?

चांद पर बड़े मिशन की तैयारी! 2040 तक अंतरिक्ष यात्री भेजेगा भारत, क्या है फ्यूचर प्लान? जानें

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। गुजरात से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement