गुवाहाटी: अरुणाचल प्रदेश में सत्ता-पलट को असंवैधानिक बताते हुए पूर्व स्थिति बहाल करने का सर्वोच्च न्यायालय का आदेश आने के अगले दिन गुरुवार को बागी कांग्रेस नेता कलिखो पुल ने दावा किया कि कानूनी तौर पर वही मुख्यमंत्री हैं और पद पर बने रहेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यपाल के 15 दिसंबर, 2015 के बाद के सभी आदेशों को रद्द करने का आदेश दिया है।
गुरुवार को ही इससे पहले कांग्रेस नेता और सत्ता से हटाए गए मुख्यमंत्री नाबाम तुकी ने कहा कि वह जल्द ही ईटानगर पहुंचेंगे और अपनी मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाएंगे। उन्होंने ट्वीट किया, "मैं आज (गुरुवार) ईटानगर जा रहा हूं। वहां मैं मंत्रिपरिषद और कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाऊंगा।"
तुकी ने बुधवार को अरुणाचल के राज्यपाल तथागत रॉय को पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने कहा है कि वह सर्वोच्च न्यायालय के 15 दिसंबर, 2015 से पूर्व की स्थिति को कायम करने वाले आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री पद का कार्यभार ग्रहण कर रहे हैं। तुकी ने ट्वीट किया, "सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए मैंने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण कर लिया है।"
इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हिमांत बिश्व शर्मा ने कहा कि पुल के पास विधानसभा में बहुमत है। हालांकि उन्होंने भी पुल को पूर्व मुख्यमंत्री कहकर ही संबोधित किया। गौरतलब है कि 60 सदस्यों वाली अरुणाचल विधानसभा में भाजपा के 11 विधायक हैं, जो पुल का समर्थन कर रहे हैं।