तिरुवनंतपुरम: केरल की माकपा नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार ने आज 2016-17 का बजट पेश किया जिसमें सामाजिक कल्याण योजनाओं, सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा की व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया है। मई में हुए विधान सभा चुनाव के बाद सत्ता में आने के बाद पिनरयी विजयन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कई तरह के नए करों का प्रस्ताव किया जिनमें कुछ किस्म के पैक किए गए खाद्य पदाथों पर पांच प्रतिशत कर और ब्रांडेड रेस्तरां में बर्गर, पिज्जा और पास्ता पर 14.5 प्रतिशत फैट टैक्स (वसा कर) लगाना शामिल है।
बजट में कहा गया कि राज्य विभिन्न वजहों से गंभीर वित्तीय संकट के दौर से गुजर रहा है। बजट में सड़क, पुल और सूचना प्रौद्योगिकी पार्क जैसी विभिन्न विकास
एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 12,000 करोड़ रुपए का आर्थिक नरमी-रोधी पैकेज का प्रस्ताव किया गया है।
राज्य के वित्त मंत्री टी एम थामस आईजैक ने बजट पेश करते हुए यह भी कहा कि विभिन्न पहलों के जरिए कर राजस्व में 25 प्रशित सालाना बढ़ोतरी के लिए पहल की जाएगी जिनमें भ्रष्टाचार खत्म करना और कारोबार अनुकूल कदमों का कार्यान्वयन शामिल है। उन्होंने कहा कि अगले पांच साल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के लिये कदम उठाये जायेंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार गरीबों के लिये विभिन्न कल्याण उपायों को जारी रखने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बजट में सभी कल्याण योजनाओं के तहत पेंशन की राशि बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है और इसके लिये 1,000 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। बढ़ी पेंशन का भुगतान जून से किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का विस्तार किया जायेगा और इसमें राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वालों को भी निशुल्क राशन योजना में शामिल किया जायेगा। अब तक यह योजना केवल बीपीएल परिवारों तक ही सीमित रखी गई है।