सबरीमाला (केरल): केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में रविवार रात भगदड़ मच जाने से 40 श्रद्धालु घायल हो गए। इनमें तीन की हालत गंभीर है। राज्य के देवासम मंत्री कडकमपल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि हालात पर काबू पा लिया गया है। सुरेंद्रन ने यहां मीडिया से कहा, "घायलों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई गई है और हालत अब पूरी तरह नियंत्रण में है।"
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पथानामथिट्टा की जिलाधिकारी आर गिरिजा ने बताया कि भारी भीड़ के कारण सन्निधानम और मल्लिकापुरा के बीच रस्सी से बना बेरिकेड टूट गया और रस्सी का सहारा लिये हुए खड़े लोग एक दूसरे पर गिर पड़े। उन्होंने बताया कि घायल सभी श्रद्धालुओं को पहले सन्निधानम अस्पताल में भर्ती कराया गया जिनमें से गंभीर रूप से घायल दो को कोट्टायम मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाया गया जबकि तीन अन्य को पद्मा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गंभीर रूप से घायल लोगों के सिर और पसलियों में चोट आयी है लेकिन उन्हें होश है। उन्होंने बताया कि 41 दिन के मंडला पूजा की समाप्ति से पहले आज यहां काफी भीड़ थी। उन्होंने बताया कि कल शाम मंडला पूजा में भगवान अयप्पा द्वारा पहने जाने वाले पवित्र गहनों थंगा अंगि को मंदिर में पहुंचाने के लिए एक यात्रा निकाली गयी थी, जिसमें लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
मंडला पूजा से चार दिन पहले यह यात्रा अरनमाला के श्री पार्थसारथी मंदिर से शुरू की जाती है। देवास्वम् मंत्री कडाकंपाली सुरेन्द्रन ने बताया कि थंगा अंगि लाये जाने के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। उन्होंने बताया कि भगदड़ से पहले वह मंदिर में थे और थंगा अंगि की दीप आराधना के बाद वह वहां से निकल गये।