मुम्बई: मुंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि छह हफ्ते के अंदर उन दिनों को तय किया जाए जिन दिनों को महानगर में त्योहार के मद्देनजर जानवरों को काटने और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। (सहारनपुर: दो समूहों के बीच हिंसक झड़प में 17 गिरफ्तार)
न्यायमूर्ति अनूप मोहता की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार को इस हफ्ते की शुरूआत में यह निर्देश दिया। पीठ ने इस मुद्दे पर नीति नहीं बनाने के लिए सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि इस तरह की नीति नहीं होने से समाज में अराजकता फैलेगी।
न्यायमूर्ति मोहता ने कहा, सरकारी नीति नहीं होने से लोगों में अराजकता और भ्रम की स्थिति बनी रहेगी। अदालत बंबई मांस डीलर संगठन द्वारा 2015 में दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में बृहन्मुंबई नगर निगम और महाराष्ट्र सरकार द्वारा उस वर्ष सितम्बर में जैन पर्व पर्यूषण के दौरान चार दिनों के लिए महानगर में जानवरों के काटे जाने और मांस की बिक्री को प्रतिबंधित करने को चुनौती दी गई थी।