नई दिल्ली: काला धन की समस्या से निपटने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तीन लाख रुपए से अधिक के लेन देन पर पूर्ण प्रतिबंध की संस्तुति की है। एसआईटी का कहना है कि इस तरह के लेन-देन को अवैध और कानून के तहत दंडनीय घोषित करने के लिए एक कानून बनाना चाहिए। एक सरकारी बयान में गुरुवार को इसकी घोषणा की गई। एसआईटी की पांचवीं रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष पेश की गई।
आगे कहा गया है कि किसी व्यक्ति या उद्योग को इससे अधिक नकद रखने की जरूरत है तो वह उस क्षेत्र के आयकर आयुक्त से जरूरी इजाजत ले सकता है। इन संस्तुतियों पर जनता के सुझाव भी मांगे गए हैं।