पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पांच राज्यों में चुनाव परिणामों को लेकर सभी विजयी दलों और गठबंधन को बधाई देते हुए कहा कि असम में जीत पर भाजपा के लिए बहुत खुश होने की जरुरत नहीं है क्योंकि सहयोगियों के बल पर ही उन्हें सफलता मिली है। पटना में गुरुवार को पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान नीतीश ने असम में चुनाव के पहले कांग्रेस पार्टी ने कोई भी गठबंधन नहीं किया। भाजपा ने चुनाव के पूर्व सफलतापूर्वक गठबंधन किया। चुनाव से पूर्व ही चारों तरफ से एक स्थिति दिखायी पड़ रही थी, ऐसा कोई परिणाम आश्चर्यजनक नहीं है।
नीतीश ने कहा कि भाजपा के लिए बहुत खुश होने की जरुरत नहीं है। वे असम में जीते हैं तो सिर्फ इसलिए जीते हैं कि चुनाव के पूर्व उन्होंने गठबंधन किया था और कांग्रेस पार्टी को ऐसा लग रहा था कि वह अकेले चुनाव जीतने के लिए सक्षम है। कोई गठबंधन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में जैसा प्रयोग हुआ, उसी प्रकार असम में भी प्रयास होते तो परिणाम कुछ और होता। चुनाव पूर्व गठबंधन से ही चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में आया।
नीतीश ने कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने का औचित्य नहीं है। पुडुचेरी कांग्रेस को मिला। उन्होंने कहा कि परिस्थिति जन्य जो असम में उनको सफलता मिली है वे इस तरह की बात बहुत करेंगे और पांच राज्यों के चुनाव परिणाम को भूलकर सिर्फ असम पर फोकस करेंगे। ऐसा लगगा कि बाकी राज्यों में कहीं चुनाव ही नहीं हुआ है।
नीतीश ने कहा कि देश भर पर जो शासन कर रहा है उन्हें चार राज्यों के चुनाव परिणाम नहीं दिख रहा है इसलिए यह सोचना कि उनका एकछत्र राज्य हो गया गलत होगा। असम में अपने सहयोगियों के साथ जीत मिली। अगर सहयोगी नहीं होते तो वे कहीं नहीं रहते। सहयोगियों के बल पर ही उन्हें सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि परिणाम बिल्कुल अपेक्षा के अनुसार आए हैं, इसमें आश्चर्यजनक कोई भी परिणाम नहीं है। जो दिख रहा था चुनाव अभियान के दौरान, वैसा ही नतीजा सामने आया है। नीतीश ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जयललिता को वह बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि केरल में एलडीएफ जीती है। हम केरल गए थे वहां के माहौल और परिस्थिति को देखकर लगा कि यूडीएफ को बढ़त है।