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NTCA ने मध्य प्रदेश के मोगली लैंड में टाइगर सफारी को दी लाल झंडी

 Written By: IANS
 Published : May 18, 2016 06:49 pm IST,  Updated : May 18, 2016 10:19 pm IST

बाघ संरक्षण के लिए शीर्ष इकाई एनटीसीए ने मध्य प्रदेश के पेंच राष्ट्रीय उद्यान में टाइगर सफारी के निर्माण में कानूनों का कथित उल्लंघन पाया है।

tiger safari of mogali land- India TV Hindi
tiger safari of mogali land

नई दिल्ली: बाघ संरक्षण के लिए शीर्ष इकाई एनटीसीए ने मध्य प्रदेश के पेंच राष्ट्रीय उद्यान में टाइगर सफारी के निर्माण में कानूनों का कथित उल्लंघन पाया है और आशंका जताई है कि इससे इन जंतुओं का शिकार होने लगेगा।

यह राष्ट्रीय उद्यान मोगली के घर के रूप में प्रसिद्ध है। इस पर अंग्रेजी लेखक रूडयार्ड किपलिंग ने द जंगल बुक लिखी है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एनटीसीए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के तहत एक सांविधिक संस्था है। इसने राज्य सरकार को पत्र लिख कर कहा है कि राष्ट्रीय उद्यान के अंदर चल रहा टाइगर सफारी का निर्माण कार्य बाघों के लिए हानिकारक है और वे शिकार के लिए सुलभ हो जाएंगे।

मध्य प्रदेश वन विभाग पेंच और बांधवगढ में टाइगर सफारी के निर्माण से पहले केंद्रीय प्राणिउद्यान प्राधिकरण की इजाजत लेने में नाकाम रहा है। यह कदम इसलिए मायने रखता है कि कई वन्यजीव कार्यकर्ता पेंच और बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में टाइगर सफारी के निर्माण पर ऐतराज जता रहे हैं। उनका दावा है कि यह बाघों के लिए नुकसानदेह होगा।

राज्य सरकार की योजना पेंच में 550 से अधिक पेड़ों को काटने की है ताकि टाइगर सफारी के लिए रास्ता बन सके। इस कदम की भी कार्यकर्ताओं ने आलोचना की है।

मौजूदा दिशानिर्देश किसी राष्ट्रीय उद्यान या रिजर्व के बफर इलाके में टाइगर सफारी के निर्माण की इजाजत देते हैं ताकि बाघों के मुख्य कोर आवास से दबाव कम किया जा सके।

पेंच में टाइगर सफारी का चल रहा निर्माण कार्य विभिन्न नियमों एवं दिशानिर्देशों का उल्लंघन है। इससे बाघों का बिखराव होगा और वे मानव बहुल क्षेत्रों में पहुंचेंगे जिससे वे शिकार के लिए सुलभ हो जाएंगे।

एनटीसीए ने मध्य प्रदेश के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन को लिखे पत्र में कहा है, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में प्रस्तावित सफारी से ऐसा ही मामला पैदा हो सकता है। पिछले आठ महीनों में पेंच के अंदर और आसपास पिछले आठ महीनों में कथित तौर पर आठ बाघ मारे गए हैं।

वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दूबे ने दावा किया है कि राज्य सरकार बाघ रिजर्व के अंदर गैर कानूनी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरित नियमों का उल्लंघन कर रही है। इससे इसके अंदर रह रहे बाघों को खतरा हो सकता है।

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