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पानी- पानी हुआ बेंगलुरू, बारिश ने तोड़ा 100 साल पुराना रिकॉर्ड

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Aug 16, 2017 12:56 pm IST,  Updated : Aug 16, 2017 12:56 pm IST

मूसलधार बारिश से कई पेड़, बिजली के खंभे और तार उखड़ गए। यहां तक कि समूचे शहर में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। अधिकारियों ने कई इलाकों में बचाव अभियान में नौकाओं का इस्तेमाल किया, जबकि कई इलाकों में सुबह से बिजली नहीं आई। बीबीएमपी नियंत्रण कक्ष के एक अध

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नई दिल्ली: बेंगलुरु में मंगलवार सुबह तीन घंटों में रिकॉर्ड 180 मिलीमीटर बारिश हुई। अगस्त के महीने में पिछले 100 सालों में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है। बारिश ने पूरे शहर में कहर बरपा दिया और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बृहत बेंगलुरू महानगर पालिका (बीबीएमपी) के आयुक्त मंजूनाथ प्रसाद ने बाद में संवाददाताओं से कहा, "सिर्फ तीन घंटे (तड़के 3।00 से 6।00 बजे तक) में हुई भारी बारिश शहर की सीवर प्रणाली झेल नहीं सकी, जिसके परिणामस्वरूप कई जगहों पर सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो गया।" ये भी पढ़ें: कश्मीर पर PM मोदी के बयान का J&K में जोरदार स्वागत, जानिए किसने क्या कहा?

मूसलधार बारिश से कई पेड़, बिजली के खंभे और तार उखड़ गए। यहां तक कि समूचे शहर में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। अधिकारियों ने कई इलाकों में बचाव अभियान में नौकाओं का इस्तेमाल किया, जबकि कई इलाकों में सुबह से बिजली नहीं आई। बीबीएमपी नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया, "हमें पानी में फंसे सैकड़ों लोगों की शिकायत मिली हैं और बारिश का पानी घरों से लेकर अपार्टमेंट तक में घुस गया है।"

मौसम विभाग की माने तों इससे पहले 1890 में इससे अधिक बारिश हुई थी।  मौसम विभाग के अनुसार, शहर में 1890 के बाद से अगस्त में इतनी भारी बारिश नहीं हुई थी, जब एक दिन में 166 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। कर्नाटक राज्य आपदा निगरानी केंद्र (केएसडीएमसी) के अनुसार, यह रिकॉर्ड मंगलवार को टूट गया था। केएसडीएमसी के अनुसार, सोमवार की रात से 184 सेंटीमीटर बारिश हुई, सबसे ज्यादा बारिश बिलकाहल्ली में दर्ज की गई।

मूसलधार बारिश से कई पेड़, बिजली के खंभे और तार उखड़ गए। यहां तक कि पूरे शहर में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। बचाव और राहत कार्यों के लिए कई जगह अधिकारियों को नाव का सहारा लेना पड़ा। दिन के दौरान पुलिस विभाग को यातायात संभालने में काफी परेशानी हुई, क्योंकि कई मुख्य सड़कों, सबवे और अंडर ब्रिज पर पानी भर गया था।

यदीयुर झील का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जबकि बेलंदूर झील से पानी निकलकर निकटवर्ती इलाकों में फैल गया। कोरमंगाला के एसटी बेड क्षेत्र में 40 से अधिक नौकाओं को बचाव कार्यों में लगाया गया है। एचएसआर लेआउट, कोरमंगलला, जयनगर और बन्नरघट्टा रोड में अपार्टमेंट से पानी बाहर निकालने के लिए अग्निशमन विभाग को बुलाया गया है। राजराजेश्वरी नगर, जेपी नगर, नगरभवी, थानिसंद्रा, उत्तराहल्ली और पुत्तेनाहल्ली में घरों में सांपों के घुसने की भी सूचनाएं भी वन विभाग को मिली है।

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