नयी दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख तथा पूर्व क्रिकेट प्रशासक शरद पवार, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा (मरणोपरांत), लोकसभा के पूर्व स्पीकर पीए संगमा (मरणोपरांत), गायक येशुदास, विज्ञानी उडिपि रामचंद्र राव तथा आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव को देश के दूसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्मविभूषण से नवाज़ा जाएगा।
भारत के 68वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित किए गए सम्मानों में इन सात हस्तियों को पद्मविभूषण से नवाज़े जाने के अतिरिक्त दिवंगत पत्रकार चो रामास्वामी, शास्त्रीय संगीतकार विश्वमोहन भट्ट तथा थाईलैंड की राजकुमारी महाचक्री सिरिन्धौर्न सहित सात ही हस्तियों को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मभूषण दिया जाएगा। साहित्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में प्रोफेसर देवीप्रसाद द्विवेदी, चिकित्सा के क्षेत्र में तेहेम्तोन उडवाड़िया, आध्यात्म के क्षेत्र में रत्नसुंदर महाराज तथा योगगुरु स्वामी निरंजन नंदा सरस्वती को भी पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है।
इनके अतिरिक्त देश का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्मश्री भी 75 लोगों को दिया गया है, जिनमें खेल जगत से भारतीय क्रिकेट तथा हॉकी टीमों के कप्तान क्रमशः विराट कोहली व पी. श्रीजेश, ओलिम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं पहलवान साक्षी मलिक, जिनास्ट दीपा कर्मकार, पैरा-एथलीट दीपा मलिक, डिस्कस थ्रोअर विकास गौड़ा भी शामिल हैं।
खिलाड़ियों के अलावा पद्मश्री से सम्मानित किए गए लोगों की सूची में पत्रकार भावना सोमैया, उपन्यासकार नरेंद्र कोहली, पूर्व राजनयिक कंवल सिब्बल, पार्श्वगायिका अनुराधा पौडवाल, पार्श्वगायक कैलाश खेर तथा अभिनेता साधु मेहर भी शामिल हैं.
इस वर्ष पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किए गए कुल 89 लोगों में से 19 महिलाएं हैं, पांच हस्तियां 'विदेशी', 'अप्रवासी भारतीय' तथा 'भारतीय मूल' वर्गों से हैं, तथा छह हस्तियों को पद्म पुरस्कार मरणोपरांत दिया गया है.
पद्म पुरस्कारों की सूची में कई गुमनाम लोगों के नाम
इंदौर में डाक्टर दादी के नाम से मशहूर भक्ति यादव, नेत्रहीनों के भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शेखर नाइक समेत कई गुमनाम हस्तियों को पद्मश्री के लिए नामित किया गया है।
पद्मश्री पुरस्कारों की सूची में पिछले वर्ष रियो ओलंपिक में जिमनास्टिक में चौथे स्थान पर रही दीपा कर्माकर, रियो पारालम्पिक में स्वर्ण पदक विजेता मरियप्पन थंगावेलू के नाम शामिल हैं। गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष पद्म पुरस्कारों में मुख्य जोर देश के गुमनाम लोगों की प्रतिभाओं को मान्यता प्रदान करने पर रहा।
91 वर्षीय यादव एमबीबीएस डिग्री धारक इंदौर से पहली महिला हैं। वे पिछले 68 वर्षो से मरीजों का नि:शुल्क उपचार कर रही है और सैकड़ों बच्चों के जन्म में मदद की ।
30 वर्षीय नाइक ने नेत्रहीनों की भारतीय क्रिकेट टीम की 2012 में टी20 विश्व कप में और 2014 में एक दिवसीय विश्व कप में जीत में भारतीय टीम का नेतृत्व किया । वे गरीब पृष्ठभूमि वाले परिवार से आए है और 12 वर्ष की आयु में माता पिता को खोने के बाद काफी कठिनाइयों का सामना किया ।
थंगवेलू ने 2016 में रियो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता। वह दाहिने पैर में अशक्तता के शिकार है।