चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मुरथल सामूहिक बलात्कार मामले में और तथ्य एकत्रित करने के लिए और समय मांगने पर हरियाणा सरकार को आड़े हाथ लिया। हरियाणा सरकार की ओर से पेश वकील ने हालांकि स्वीकार किया कि मुरथल में फरवरी में जाट आंदोलन के दौरान बलात्कार हुए थे।
न्यायमूर्ति एस.एस. सरोन और न्यायमूर्ति लीजा गिल की पीठ ने सरकार को सुनवाई की अगली तारीख 7 जुलाई को प्रकाश सिंह समिति की रिपोर्ट का दूसरा हिस्सा पेश करने का निर्देश दिया।
हरियाणा सरकार ने अदालत में दावा किया कि उसे कथित सामूहिक बलात्कार की घटनाओं के संबंधमें नये सुराग मिले हैं।
अतिरिक्त सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस समय यह नहीं कहा जा सकता जांच किस तरफ जा रही है लेकिन कुछ सुराग मिले हैं इसलिए राज्य सरकार कुछ और समय चाहती है।