चंडीगढ़ :नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार केंद्र को उपयोग प्रमाणपत्र देने में देरी से पंजाब 719.50 करोड़ रपये का कोष का उपयोग नहीं कर सका। पंजाब विधानसभा के अंतिम दिन पेश कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि 13वें वित्त आयोग ने दिसंबर 2009 को सौंपी अपनी रिपोर्ट में पंजाब में सीमावर्ती क्षेत्रों, धरोहर के विकास तथा पुलिस प्रशिक्षण समेत 22 मद में 5,510.27 करोड़ रपये का अनुदान कोष जारी करने की सिफारिश की थी।
पंजाब सरकार द्वारा 2010-15 के दौरान प्राप्त अनुदान के अनुकूलतम उपयोग का पता लगाने के लिये 13वें वित्त आयोग के तहत 22 अनुदान में से आठ के मामले में वित्त विभाग तथा संबंधित विभागों के आडिट किये गये मार्च 2015 को समाप्त अवधि के लिये गैर-सरकारी उपक्रमों पर रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल 5,510.27 करोड़ रपये में से पंजाब सरकार 2010-15 के दौरान केवल 4,886.95 करोड़ रपये (89 प्रतिशत) का उपयोग कर सकी।
रिपोर्ट के अनुसार चुने गये आठ अनुदानों के तहत कुल 3,466.80 करोड़ रपये के आबंटन में से पंजाब सरकार 2010-15 के दौरान केवल 2,747.30 करोड़ रपये उपयोग कर सकी। कोष के उपयोग में देरी तथा उपयोग प्रमाणपत्र केंद्र को देने में विलम्ब के कारण 719.50 करोड़ रपये का उपयोग नहीं हो सका।