1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. विवादित ज़मीन पर बने राम मंदिर, मुस्लिम बहुल इलाके में बने मस्जिद: शिया वक्फ बोर्ड

विवादित ज़मीन पर बने राम मंदिर, मुस्लिम बहुल इलाके में बने मस्जिद: शिया वक्फ बोर्ड

 Written By: India TV News Desk
 Published : Aug 08, 2017 01:50 pm IST,  Updated : Aug 08, 2017 02:00 pm IST

सुप्रीम कोर्ट में 11 अगस्त को दो बजे से अयोध्या मामले की सुनवाई होनी है। शिया वक़्फ़ बोर्ड भी इस केस में एक पार्टी है। बोर्ड के मुताबिक 1946 तक बाबरी मस्ज़िद उसके पास थी, अंग्रेजों के एक गलत कानून और प्रक्रिया के तहत इसे सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को दे दिया गया

ram-mandir- India TV Hindi
ram-mandir

नई दिल्ली: अयोध्या मामले में शिया वक़्फ़ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। शिया वक़्फ़ बोर्ड ने कहा कि विवादित जमीन पर भगवान राम का मंदिर बने और विवादित जमीन से थोड़ी दूर मुस्लिम बहुल इलाके में मस्जिद बनाई जाए। बोर्ड ने कहा है कि विवादित जमीन पर मंदिर-मस्जिद दोनों बनाये जाने पर रोज झगड़े होंगे।

11 अगस्त दो बजे से अयोध्या मामले की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में 11 अगस्त को दो बजे से अयोध्या मामले की सुनवाई होनी है। शिया वक़्फ़ बोर्ड भी इस केस में एक पार्टी है। बोर्ड के मुताबिक 1946 तक बाबरी मस्ज़िद उसके पास थी, अंग्रेजों के एक गलत कानून और प्रक्रिया के तहत इसे सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को दे दिया गया। शिया वक़्फ़ बोर्ड ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड शांति पूर्ण तरीके से समाधान नहीं चाहते हैं। ये भी पढ़ें: नौकरीपेशा लोगों के लिए खुशखबरी, सरकार जल्द ही ले सकती है यह बड़ा फैसला

आपको बता दें कि यह मामला पिछले कई सालों से अदालत के समक्ष लंबित पड़ा है। अपनी दलील में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि उस स्थान पर बिना किसी परेशानी के पूजा अर्चना के उनके अधिकार के पालन के लिए उन्होंने पहले भी अलग से एक याचिका दायर की थी।

विवादित क्षेत्र को 3 भागों में बांटने का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 2010 में अपने आदेश में अयोध्या के 2.77 एकड़ विवादित क्षेत्र को 3 भागों में बांटने का आदेश दिया था। 3 जजों वाली बेंच ने 2:1 के बहुमत वाले आदेश में कहा था कि उक्त भूमि को 3 पक्षकारों सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच बांट दिया जाए।

गौरतलब है कि हालिया दिनों में अयोध्या में सरगर्मी बढ़ गई है। बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर हलचल तेज हो गई है। पिछले कुछ दिनों में अयोध्या में पत्थरों से लदे ट्रक आ रहे हैं। वैसे तो अयोध्या में नब्बे के दशक से ही पत्थर लाने का काम जारी है। ये भी पढ़ें: 'राम मंदिर के निर्माण के लिए संसद में कानून लाया जाए'

मंदिर निर्माण के लिए लगातार आ रहे थे पत्थर

साल 2007 तक मंदिर निर्माण के लिए लगातार पत्थर आए। इसके बाद कभी राजस्थान सरकार के खदानों के नियम बदलने की वजह से पत्थर आने में रुकावट हुई तो कभी यूपी सरकार के नियम इसके आड़े आए। ऐसे में जहां पहले करीब तीस से चालीस कारीगर पत्थर तराशने का काम करते थे वहीं उनकी तादाद घट के दस से पंद्रह के बीच रह गई।

‘कोर्ट का फैसला खिलाफ आया तो यूं हो सकता है राम मंदिर का निर्माण’

इंडिया टीवी के खास कार्यक्रम ‘संवाद’ में बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा था कि यदि कोर्ट का फैसला राम मंदिर के हक में नहीं गया तो सरकार संसद में कानून पास करके कोर्ट के फैसले को पलट सकती है और उसके बाद राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। राम मंदिर पर तारीख पर तारीख दिए जाने पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए 'संवाद' स्वामी ने कहा, ‘पहले तो हमारा निर्णय है कि हम यह कोर्ट के जरिए करेंगे। कोर्ट के निर्णय के बारे में हम अनुमान ही कर सकते हैं। बाकी लोग जहां प्रॉपर्टी इशू पर जोर दे रहे हैं, वहीं मैं यह कहता हूं कि यह हमारा मूलभूत अधिकार है कि जहां भगवान राम पैदा हुए वहां मंदिर बनना चाहिए और मुझे उम्मीद है कि कोर्ट जुलाई तक इस पर कुछ न कुछ फैसला जरूर करेगा।’ ये भी पढ़ें: पत्थर लेकर पहुंचने लगे ट्रक, अयोध्या में रखी जाने लगी राममंदिर के निर्माण की नीव?

 यह पूछे जाने पर कि क्या राम मंदिर बीजेपी के लिए मजबूरी है या जरूरी, स्वामी ने कहा कि यह मंदिर बीजेपी के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि हम राम मंदिर के दम पर ही सत्ता में आए और यह हमारे मैनिफेस्टो में भी है।

‘हम पार्लियामेंट में कोर्ट का फैसला पलट भी सकते हैं’

जब स्वामी से सवाल किया गया कि क्या आप कोर्ट का फैसला मानेंगे, स्वामी ने कहा कि कोर्ट के फैसले का हम ज्यादा दिन तक इंतजार नहीं कर सकते, और कोर्ट का फैसला खिलाफ आया तो हम संसद में कानून बनाकर वह फैसला पलट भी सकते हैं। स्वामी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने भी शाह बानो केस में कानून बनाकर कोर्ट का फैसला पलटा था, और हम भी ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम कोर्ट का फैसला पार्लियामेंट में बदल भी सकते हैं। कांग्रेस ने भी शाह बानो केस में ऐसा किया था।’

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत