नई दिल्ली: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने देशवासियों से डिजिटल अर्थव्यवस्था अपनाने की अपील करते हुए रविवार को डिजिटल अर्थव्यवस्था ईमानदार शासन प्रणाली बताया। रविशंकर प्रसाद ने नकदी में मौजूद काले धन की समानांतर अर्थव्यवस्था का संदर्भ देते हुए कहा, "डिजिटल अर्थव्यवस्था एक ईमानदार शासन प्रणाली है।"
नकदी रहित लेनदेन को लोकप्रिय बनाने के लिए यहां डिजिधन योजना का शुभारंभ करते हुए प्रसाद ने कहा कि सरकार आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल कर डिजिटल लेनदेन को आसान बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा, "देश में किसी भी नागरिक के आधार कार्ड का नंबर अद्वितीय होता है। अब हम इसी आधार नंबर की मदद से डिजिटल लेनदेन को आसान बनाने में लगे हुए हैं।" देश में 109 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है और करीब 35 करोड़ जनता स्मार्टफोन का इस्तेमाल करती है।
प्रसाद ने कहा कि एक छोटे से फिंगरप्रिंट स्कैनिंग उपकरण और स्मार्टफोन का उपयोग कर घर की दैनिक जरूरतों के सामान की खरीदारी की जा सकती है।
उन्होंने धनजन योजना की लांचिंग पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "आपको चीजें खरीदने के लिए स्मार्टफोन रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दुकानदार के पास एक छोटा सा मशीन होगा जो उसके स्मार्टफोन से जुड़ा रहेगा। आपको सिर्फ अपना आधार कार्ड उस मशीन में डालना होगा और अपनी उंगली लगानी होगी।"
इस अवसर पर प्रसाद ने लकी ग्राहक योजना के तहत 15,000 विजेताओं के नाम की पहली सूची भी जारी की।