नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को आज दो साल पूरे हो गए हैं। दो साल पूरे होने की खुशी में जहां सत्ता पक्ष की तरफ से सरकार के इस कार्यकाल को अब तक का सबसे बेहतर कार्यकाल बताया गया वहीं विपक्ष ने मोदी सरकार की खामियों पर तंज कसे। कुछ ने कहा कि सरकार ने दो साल में कुछ खास उपलब्धियां हासिल नहीं की हैं तो कुछ ने इस सरकार को किसान विरोधी तक बता डाला। वहीं कुछ ने सरकार की विदेश नीति को असंगत भी कहा। पढ़िए मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर नेताओं ने क्या क्या कहा।
मोदी सरकार के 2 साल में कोई ठोस उपलब्धि नहीं: लालू
केन्द्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के दो साल पूरे होने पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा कि दो साल में सरकार की कहीं कोई ठोस उपलब्धि नहीं दिखाई दे रही है। केन्द्र सरकार चुनावी वादों के साथ-साथ भारतीय संविधान के मूल्यों की रक्षा करने में पूरी तरह असमर्थ रही। लालू ने ट्वीट किया, "गरीबों के अच्छा जीवन जी पाने की लालसा का मजाक बनाते हुए 15-15 लाख रुपए देने का सपना दिखाया। सोचिए, गरीबों की गरीबी का कितना बेहूदा मजाक बनाया गया।"
केन्द्र सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने आगे लिखा, "100 दिनों में विदेशों से काला धन लाने की गगनचुम्बी बातें करते थे, अब उल्टा हो रहा है देश के मेहनतकशों की गाढ़ी कमाई का सफेद धन विदेश जा रहा है।"पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने महंगाई बढ़ने पर भी केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए लिखा, "महंगाई रत्तीभर भी कम नहीं हुई।" लालू ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अब विकास की नहीं विनाश की बात कर रही है। उन्होंने मोदी सरकार की एकमात्र उपलब्धियां बताते हुए लिखा, "संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की परियोजनाओं में अपना झूठा महिमामंडन व प्रायोजित कार्यक्रमों में पैसों और प्रोपेगेंडा के दम पर झूठा मंत्रोच्चार करना।"
मोदी सरकार आजादी के बाद की सर्वाधिक किसान विरोधी: योगेंद्र
स्वराज अभियान के संयोजक योगेंद्र यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को आजाद भारत की सर्वाधिक किसान विरोधी सरकार करार दिया है। यादव ने गुरुवार को मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर यहां सवाददाताओं से बातचीत में कहा, "भाजपा ने चुनावी घोषणा-पत्र में किसानों के लिए कई वादे किए थे। इस घोषणा-पत्र में किसानों को समर्थन मूल्य और लागत की 50 प्रतिशत राशि देने का वादा किया था, पर जब सरकार सत्ता में आई तो उसके सुर बदल गए। सरकार ने एक मामले में सर्वोच्च न्यायालय में जो शपथ-पत्र दिया, उसके मुताबिक, यदि ऐसा किया जाता है तो देश की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी।"
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार का बजट उद्योगपतियों के लिए है और किसानों के लिए सिर्फ बातें हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि इस सरकार में सूखे से लड़ने की इच्छाशक्ति नहीं है। अगर ऐसा होता तो सरकार पहले ही संबंधित क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित कर कार्ययोजना बनाती।
मोदी सरकार की विदेश नीति असंगत: आजाद
कांग्रेस ने गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकारी की सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि यह असंगत रही है, खासकर पाकिस्तान और चीन के संदर्भ में। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के दो साल पूरे होने पर कहा, "सरकार की विदेश नीति लगातार असंगत रही है, खासकर चीन, पाकिस्तान के संदर्भ में।"
आजाद ने कहा, "पाकिस्तानी बल पिछले दो वर्षो में जम्मू एवं कश्मीर में 1,000 बार संघर्षविराम का उल्लंघन कर चुके हैं।" उन्होंने कहा, "ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।" आजाद ने कहा, "गुरदासपुर हमला, पठानकोट में भारतीय वायुसेना के अड्डे पर हमला और कई अन्य हमले सरकार की विफल विदेश नीति के उदाहरण हैं।"