मुंबई: शिवसेना ने आज किसानों के आंदोलन को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर हमला बोला और उस पर किसानों की एकता तोड़ने के लिये उनके बीच दरार डालने का आरोप लगाया। (बरेली हादसा: ट्रक से टकराने के बाद बस का टैंकर फटा, 22 लोगों की मौत)
शिवसेना ने आरोप लगाया कि इससे पहले मराठा आंदोलन को कुचलने के लिये भी इसी प्रकार की कोशिश की गयी थी। पार्टी मुखपत्र सामना के संपादकीय में शिवसेना ने कहा, यदि किसानों की मांगें स्वीकार की जातीं, तो वे फूलों से मुख्यमंत्री का स्वागत करते, लेकिन सरकार के कुछ लोगों ने सदाभाउ खोट (कृषि राज्य मंत्री) को अपने साथ ले लिया और किसानों की एकता तोड़ने की कोशिश की।
इसमें कहा गया है, बांटो और राज करो की नीति अपनायी गयी है। जो लोग मुख्यमंत्री से बात करने के लिए उनके आवास वर्षा गए थे उन्हें यह जवाब देने की जरूरत है कि क्या किसानों की कोई मांग मानी गई।