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शीला दीक्षित एक मित्र, एक बड़ी बहन जैसी थीं: सोनिया गांधी

 Reported By: Bhasha
 Published : Jul 21, 2019 04:44 pm IST,  Updated : Jul 21, 2019 04:45 pm IST

दिल्ली। संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह एक बड़ी बहन के समान थीं और उनका निधन कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति है।

Sonia Sheila- India TV Hindi
शीला दीक्षित एक मित्र, एक बड़ी बहन के जैसी थीं: सोनिया गांधी Image Source : PTI

नई दिल्ली। संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह एक बड़ी बहन के समान थीं और उनका निधन कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति है। दीक्षित के पार्थिव शरीर को कांग्रेस मुख्यालय लाए जाने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

सोनिया ने संवाददाताओं से कहा,‘‘वह एक मित्र थीं...बिल्कुल एक बड़ी बहन के जैसी। यह कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ी क्षति है।’’ इससे पहले सोनिया शनिवार को शीला के निजामुद्दीन स्थित आवास पर गईं थीं। दीक्षित का गांधी परिवार के साथ करीबी रिश्ता था। गौरतलब है कि तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकीं शीला दीक्षित का शनिवार दोपहर एक निजी अस्पताल में निधन हो गया । 

आधुनिक दिल्ली की वास्तुकार थीं शीला दीक्षित : चाको 

नयी दिल्ली। कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी पी सी चाको ने शीला दीक्षित को आधुनिक दिल्ली का वास्तुकार बताते हुए शनिवार को कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित के निधन की खबर सुनकर वह स्तब्ध हैं। एक बयान में उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी पार्टी के लिये उनके योगदानों को लेकर उनकी आभारी रहेगी। वह आधुनिक दिल्ली की वास्तुकार थीं। दिल्ली की जनता उन्हें हमेशा दिल्ली की सबसे उत्कृष्ट प्रशासक के तौर पर याद करेगी। उनके शोकसंतप्त परिवार के प्रति मैं दिल से अपनी संवदेना प्रकट करता हूं।’’

कई मुद्दों पर चाको के दीक्षित के साथ मतभेद रहे हैं और दोनों नेताओं के बीच इस सप्ताह दरारें तब और गहरी होती प्रतीत हुई थीं जब बुधवार चाको ने कहा था कि दीक्षित का ‘‘स्वास्थ्य ठीक नहीं है’’ इसलिए उन्होंने तीन कार्यकारी अध्यक्षों को जिला एवं ब्लॉक समिति प्रमुखों की बैठकें आयोजित करने तथा निर्णय लेने के लिये अधिकृत किया है। इसे दोनों के बीच गहराते मतभेदों के बीच उनकी (दीक्षित की) शक्तियों को कम करने के प्रयास के तौर पर देखा गया था।

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