तिरुपति: श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने आज यहां तिरमला के नजदीक स्थित भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर में पूजा-अर्चना की । तिरमाला तिरपति देवस्थानम के अध्यक्ष सी. कृष्णमूर्ति ने बताया कि प्राचीन तीर्थस्थल पहुंचने पर विक्रमसिंघे और उनकी पत्नी मैत्री का मंदिर के पुजारियों तथा पदाधिकारियों ने पारंपरिक स्वागत किया। उन्होंने बताया कि बाद में विक्रमसिंघे और उनकी पत्नी को दो हजार साल पुराने तीर्थस्थल के गर्भगृह ले जाया गया।
श्रीलंकाई प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी ने तीर्थस्थल के लिए हुंडी दी और वे 20 मिनट से अधिक समय तक वहां रके। यहां उनकी 15 घंटे की तीर्थयात्रा के दौरान श्रीलंकाई मंत्री डीएम स्वामीनाथन, पलानी दिगंबरम तथा अन्य अधिकारी उनके साथ थे। अध्यक्ष ने बताया कि पूजा-अर्चना के बाद विक्रमसिंघे को रेशम का पवित्र कपड़ा, लड्डू प्रसादम और एक छोटी बोतल में तीर्थम :पवित्र जल: प्रदान किया गया। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के रंगमंडपम में उन्हें आशीर्वाद दिया।
विक्रमसिंघे बुधवार की शाम चेन्नई से यहां से 20 किलोमीटर दूर स्थित रेनिगुंटा हवाईअड्डा पहुंचे और सीधे पवित्र पहाडि़यों की ओर रवाना हुए। कृष्णमूर्ति ने बताया कि एक रात रकने के बाद श्रीलंकाई प्रधानमंत्री ने आज सुबह भगवान वेंकटेश्वर की पूजा की और फिर श्रीलंका जाने के लिए तत्काल चेन्नई रवाना हो गए। पिछली बार विक्रमसिंघे प्रधानमंत्री के रूप में 2002 में इस मंदिर में आए थे। यहां और हवाईअड्डे पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।