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14 सेकंड तक घूरे तो मोलेस्टेशन केस में बुक हो सकते हैं आप

सार्वजनिक और निजी जीवन में अक्सर लड़कों द्वारा लड़कियों को घूरना अथवा पीछा करना एक सामान्य घटना है लेकिन यदि आप केरल में हो तो यह कोशिश भारी पड़ सकती है, क्योंकि केरल में वर्ष 2016 में लागू एक प्रावधान के तहत किसी भी लड़की को 14 सेकेंड से अधिक देर तक

Written by: India TV News Desk
Published : Jul 22, 2017 09:17 am IST, Updated : Jul 22, 2017 09:17 am IST
molestation- India TV Hindi
Image Source : PTI molestation

नई दिल्ली: आज महिलाएं भी मेहनत कर रही हैं और अपने करियर को लेकर गंभीर हैं। हांलाकि, मानसिक, शारीरिक और यौन उत्पीड़न, स्त्री द्वेष और लिंग असमानता इनमें से ज्यादातर के लिए जीवन का हिस्सा बन गई हैं। वहीं कार्यस्थल पर आप जाने-अंजाने, मजाक में ही सही अपनी महिला मित्र और महिला सहकर्मी के साथ ऐसी हरकतें कर गुजरते हैं, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 294 और धारा 509 के तहत गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे सभी मामले ‘इव टीजिंग’ यानी छेड़छाड़ के अंतर्गत आते हैं। ये भी पढ़ें: दलालों के चक्कर में न पड़ें 60 रुपए में बन जाता है ड्राइविंग लाइसेंस

हालांकि भारतीय क़ानून में 'ईव-टीज़िंग' (महिलाओं के साथ छेड़छाड़) शब्द का प्रयोग नहीं हुआ है, पीड़ितों द्वारा आम तौर पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 294 (ए) और (बी) का आश्रय लिया जाता है, जो युवती या महिला के प्रति अश्लील इशारों, टिप्पणियों, गाने या कविता-पाठ करने के अपराध में दोषी पाए गए व्यक्ति को अधिकतम तीन महीनों की सज़ा देती है।

वैसे अब 14 सेकंड तक लड़कियों को घूरना भी अपराध की श्रेणी में आ गया है। सार्वजनिक और निजी जीवन में अक्सर लड़कों द्वारा लड़कियों को घूरना अथवा पीछा करना एक सामान्य घटना है लेकिन यदि आप केरल में हो तो यह कोशिश भारी पड़ सकती है, क्योंकि केरल में वर्ष 2016 में लागू एक प्रावधान के तहत किसी भी लड़की को 14 सेकेंड से अधिक देर तक घूरना भी अपराध है। हालांकि अभी तक भारतीय दंड संहिता इस प्रकार कोई कानून नहीं है।

भारतीय दंड संहिता की धारा 292 स्पष्ट रूप से परिभाषित करती है कि महिला या युवती को अश्लील साहित्य या अश्लील तस्वीरें, क़िताबें या पर्चियां दिखाने वाले, पहली बार दोषी पाए गए व्यक्ति को दो वर्षों के लिए सश्रम कारावास की सज़ा देते हुए, 2000 रु. का जुर्माना वसूला जाए। अपराध दोहराने पर, जब प्रमाणित हो, तो अपराधी को पांच साल के लिए कारावास सहित 5000 रु. का जुर्माना लगाया जाएगा।

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा के अधीन महिला या युवती के प्रति अश्लील हरकत, अभद्र इशारे या तीखी टिप्पणियां करने वाले पर एक वर्ष के कठोर कारावास की सज़ा या जुर्माना या दोनों लगाए जा सकते हैं।

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354-A , धारा 354-D में महिला के प्रति अश्लील इशारों, अश्लील टिप्पणियों, पिछा करने पर कठोर कारावास की सज़ा या जुर्माना या दोनों लगाए जा सकते हैं।

अगले स्लाइड में हर भारतीय महिला को पता होने चाहिए ये 10 कानूनी अधिकार....

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