नयी दिल्ली: सु्पीम कोर्ट सोमवार को मोहम्मद शहाबुद्दीन को मिली ज़मानत के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करेगा। शुक्रवार को कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई। पहली याचिका तेज़ाब कांड में तीन बेटों को खोने वाले चंद्रकेश्वर प्रसाद ने की है जबकि दूसरी याचिका बिहार सरकार की ओर से दायर की गई है। इस बीच पुलिस ने बिहार में दो नेताओं समेत 20 लोगों की सिक्युरिटी बढ़ा दी है। इन्हें शहाबुद्दीन से जान का खतरा बताया जा रहा है। पिछले हफ्ते शहाबुद्दीन 11 साल बाद जेल से रिहा हुआ है।
सीवान एसपी ने अपनी रिपोर्ट में शहाबुद्दीन की जेल से रिहाई को जिले के लॉ एंड ऑर्डर के लिए बड़ा खतरा बताया है और इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में शहाबुद्दीन की ज़मानत रद्द करने की स्पेशल लीव पिटीशन फाइल की है।
दूसरी तरफ चंद्रकेश्वर प्रसाद की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने पिटीशन फाइल की। इसमें कहा गया है कि शहाबुद्दीन के बाहर आने से पीड़ित परिवार की जान को खतरा हो सकता है इसलिए उनकी ज़मानत रद्द होनी चाहिये।
इस बीच जर्नलिस्ट राजदेव रंजन हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई टीम सीवान पहुंच गई है। CBI शहाबुद्दीन समेत अन्य आरोपियों से पूछताछ कर सकती है। वैसे शहाबुद्दीन इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं।
ग़ौरतलब है कि राजदेव की हत्या 13 मई 2016 को सीवान में हुई थी। दफ्तर से लौटते वक्त उनके सिर में गोली मारी गई थी। इस मामले में 5 लोग पकड़े जा चुके हैं। राजदेव के परिजनों का आरोप है कि हत्या के पीछे शहाबुद्दीन क का हाथ है।
उधर ग्वालियर में एक प्रोग्राम के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार हरसंभव कानूनी कार्रवाई करेगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।