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रामबन में मारे गए आतंकवादी किश्तवाड़ से फरार होने के प्रयास में थे: डीजीपी

 Reported By: Bhasha
 Published : Sep 29, 2019 10:47 pm IST,  Updated : Sep 29, 2019 10:47 pm IST

जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे बटोटे क्षेत्र में संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद आतंकवादी सुरक्षा बलों द्वारा पीछा किए जाने के बाद एक घर में छिप गए थे। आतंकवादी मकान से फरार होने के प्रयास के दौरान सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए। 

Ramban- India TV Hindi
Security forces personnel after an encounter with the terrorists at Batote in Ramban district of Jammu and Kashmir. Image Source : PTI

जम्मू। जम्मू कश्मीर पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने कहा कि रामबन में शनिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकवादी किश्तवाड़ से फरार होने की कोशिश कर रहे थे जहां पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने एक अभियान शुरू किया था। उक्त मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का एक एक शीर्ष ‘कमांडर’ ओसामा और उसके दो सहयोगी जाहिद और फारूक मारे गऐ थे। मुठभेड़ में सेना का एक जवान भी शहीद हो गया था।

जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे बटोटे क्षेत्र में संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद आतंकवादी सुरक्षा बलों द्वारा पीछा किए जाने के बाद एक घर में छिप गए थे। आतंकवादी मकान से फरार होने के प्रयास के दौरान सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए। सिंह ने रविवार को कहा, ‘‘किश्तवाड़ में कुछ दिन पहले एक बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की गई थी, जिसके बाद संदिग्ध गतिविधियों वाले 41 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 12 से अधिक व्यक्ति आतंकवादियों की मदद करने में शामिल थे।’’

दिलबाग सिंह ने बटोटे में मुठभेड़ स्थल का निरीक्षण करते हुए कहा, ‘‘पुलिस और सीआरपीएफ के दबाव के कारण ही आतंकवादियों ने कश्मीर की ओर भागने की कोशिश की और इसी दौरान वे मारे गए।’’ अधिकारियों के अनुसार ओसामा की कई सनसनीखेज घटनाओं में भूमिका थी। इसमें एक नवंबर 2018 को भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल परिहार और उनके भाई अजित परिहार की हत्या और नौ अप्रैल को आरएसएस पदाधिकारी चंद्रकांत शर्मा और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी की हत्या शामिल थी।

जम्मू कश्मीर पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि सिंह ने सबसे पहले बटोटे में उस घर का दौरा किया जहां आतंकवादी छुपे थे। उन्होंने मकान में रहने वाले परिवार के साथ बातचीत की, जिसमें घर के मालिक विजय कुमार शामिल थे, जो मुठभेड़ के दौरान अंदर फंस गए थे। कुमार का परिवार बाहर आने में कामयाब हो गया था।

प्रवक्ता ने बताया कि सिंह ने परिवार को आर्थिक मदद दी। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने ऊधमपुर का दौरा किया और शनिवार को अभियान संचालित करने वाले पुलिस और सुरक्षा बलों के संयुक्त दल का सम्मान किया। प्रवक्ता ने बताया कि डीजीपी ने सैन्य अस्पताल, ऊधमपुर का भी दौरा किया और मुठभेड़ में घायल हुए पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। मुठभेड़ में विशेष पुलिस अधिकारी इम्तियाज हुसैन सहित सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। प्रवक्ता ने कहा कि एसपीओ की स्थिति ‘‘नाजुक’’ है। सिंह उप-निरीक्षक अमरदीप ठाकुर से भी मिले जो पिछले महीने बारामुला में एक मुठभेड़ में घायल हो गए थे।

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