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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी खबर, चंपत राय से दोबारा पूछताछ कर सकती है SIT

 Reported By: Abhay Parashar Edited By: Rituraj Tripathi
 Published : Jul 04, 2026 09:18 am IST,  Updated : Jul 04, 2026 09:32 am IST

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी एक बार फिर चंपत राय से पूछताछ कर सकती है। दरअसल अनिल मिश्रा और गोपाल राय से 6 घंटे पूछताछ के बाद ये खबर सामने आई है।

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चंपत राय Image Source : PTI/FILE

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल SIT चंपत से दोबारा पूछताछ कर सकती है। शुक्रवार को अनिल मिश्रा और गोपाल राव से करीब 6 घंटे पूछताछ हुई है। दोनों ने कहा, हमारी जानकारी में देर से चोरी की जानकारी आई । 

अब दोनों के बयान के आधार पर चंपत राय से फिर से पूछताछ हो सकती है। गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद सबसे ज्यादा किरकिरी चंपत राय की हुई है। 

अविनाश से 13 घंटे पूछताछ

शुक्रवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश से अयोध्या पुलिस ने 13 घंटे पूछताछ की है। आज कोर्ट में किसी और आरोपी की पुलिस कस्टडी की मांग के लिए पुलिस एप्लिकेशन लगा सकती है।

चढ़ावा चोरी पर महामंडलेश्वर विष्णु दास का भी सामने आया बयान

मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले पर महामंडलेश्वर विष्णु दास का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा, "चंपत राय की जो साख थी, वह अब वापस नहीं मिल सकती। मुझे यह भी पता चला है कि टिन्नू यादव ने ही अखिलेश यादव को चोरी के बारे में जानकारी दी थी। ये चोरियां कुंभ से पहले भी हो रही थीं और यह सब चंपत राय की देखरेख में हो रहा था। चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और कोषाध्यक्ष, सभी जेल जाएंगे।"

कैबिनेट मंत्री संजय निषाद क्या बोले?

चढ़ावा चोरी के मामले में राज्य के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का भी बयान सामने आया और उन्होंने कहा, "भ्रष्टाचार पहले भी होता था, लेकिन सब कुछ दबा दिया जाता था। भ्रष्टाचारियों को संरक्षण मिलता था। लेकिन हमारे कार्यकाल में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं और दोषियों को सज़ा भी मिल रही है।"

निषाद ने कहा, "हमें जांच पर भरोसा रखना चाहिए। आरोपियों को बचाने और जनता को गुमराह करने वाले बयान देने के बजाय, भ्रष्टाचार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का समर्थन करना चाहिए। जांच एक तय प्रक्रिया के तहत होती है और जब तक फाइल बंद नहीं हो जाती, तब तक किसी पर बिना सबूत के आरोप नहीं लगाया जा सकता।"

गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर पूरे देश की नजर है क्योंकि ये केवल आस्था का मुद्दा ही नहीं है बल्कि एक बड़ा सियासी मुद्दा भी है। बीजेपी राम मंदिर को बनाने के मुद्दे पर ही संघर्ष करते हुए सत्ता में आई। ऐसे में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद देशभर में हड़कंप मचा हुआ है।

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