नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वकीलों और पुलिस के बीच 2 नवंबर को हुई झड़प के विरोध में प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई वह अगले वर्ष फरवरी में करेगा। आपको बता दें कि बीते 2 नवंबर को दिल्ली की तीस हजारी अदालत परिसर में वकीलों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इस घटना के विरोध में पुलिसकर्मियों ने सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन किया था और धरने पर बैठ गए थे।
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दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने याचिका पर इससे पहले सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने वकीलों से कहा कि पुलिस के साथ समझौते के लिए वह अपने सक्षम अधिकारियों की मदद लें। एक वकील ने अदालत में याचिका दायर कर उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी जिन्होंने मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन होने के बावजूद सोशल मीडिया पर बयान जारी किए।
वकील द्वारा दायर की गई याचिका में मांग की गई थी कि अदालत केंद्र को धरने पर बैठने वाले, भड़काऊ नारे लगाने वाले और इलेक्ट्रॉनिक तथा सोशल मीडिया पर उकसावे वाले बयान जारी करने वाले दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का निर्देश दे। आपको बता दें कि बीते मंगलवार को दिल्ली के हजारों पुलिसकर्मियों ने अपने साथियों पर हमलों के विरोध में दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर 11 घंटे तक अभूतपूर्व प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में पुलिसवालों के परिजन भी शामिल हुए थे।