गिगरियाल एलओसी (पल्लनवाला): जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा से सटे गांव वीरान पड़े हैं, क्योंकि ग्रामीण सीमा पार से होने वाली गोलाबारी और गोलीबारी से बचने के लिए अपने घरों को छोड़कर जा रहे हैं। इलाके में स्थित घरों की दीवारों और दुकानों के शटर पर मोर्टार के निशान सीमा पार से होने वाली गोलीबारी की गवाही दे रहे हैं। पल्लनवाला पट्टी में नियंत्रण रेखा के पास के गांवों--पंजटूट, चन्नी देवानो, मोगयाल लालो, सोमवा, चापरियाल, गिगरियाल, पल्टन, मिली दी खाए और जोडियन के लोग अपने घरों को छोड़कर जा चुके हैं। भारी गोलबारी होने के बाद पल्लनवाला का बाजार भी पिछले तीन दिन से बंद है। एक निवासी सुरेश कुमार ने बताया, गोलीबारी और गोलाबारी होने के बाद से बीते तीन दिनों से बाजार बंद है।
अपने गांवों और मवेशियों को छोड़ने को मजबूर हुए सीमावर्ती इलाको में रहने वाले लोग नरेंद्र मोदी सरकार से चाहते हैं कि वह पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें ताकि नियंत्रण रेखा पर फिर से आतंकी हमले और संघर्ष विराम का उल्लंघन नहीं हो। खौर में राधा स्वामी आश्रम में बनाए गए एक शिविर में अपने परिवार के साथ शरण लेने वाली सीता देवी ने कहा कि कोई जंग नहीं चाहता है लेकिन हम सीमावर्ती इलाके में रहने वाले लोग हैं जिन्हें लगभग वार्षिक तौर पर संघर्ष विराम उल्लंघन के दौरान हर समय अपने घर और गांव को छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता है। हम चाहते हैं कि पाकिस्तान को एक सबक सिखाया जाए ताकि वह फिर से संघर्ष विराम उल्लंघन करने की हिम्मत नहीं कर सके। सीता और अन्य राजकुमार ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर उनके गांव वीरान पड़े हैं।
बहरहाल, कुछ निवासी अपने मवेशियों की देखभाल करने के लिए दिन के वक्त में वहां चक्कर लगाकर आते हैं। गिगरियाल निवासी अशोक कुमार ने कहा, हममें से कुछ कल दोपहर के वक्त अपने मवेशियों को चारा देने के लिए गए थे तभी पाकिस्तानी सैनिकों ने मोर्टार दागने और भारी गोलीबारी शुरू कर दी। उन्होंने कहा, हम अपने मवेशियों की जान बचाने में कामयाब रहे और जिन कुछ लोगों के पास गाडि़यां थी वे महिलाओं और पुरूषों को कल गोलाबारी क्षेत्र से बाहर लेकर आए। जम्मू जिले के अखनूर तहसील के पल्लनवाला सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिक ने बार बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और नागरिक इलाकों में भारी मोर्टार दागने के साथ ही गोलीबारी की है।
जम्मू जिले के पल्लनवाला सेक्टर के गिगरियाल, प्लाटन, दमानू, चेन्नी, पल्लनवाला और सोमवा के इलाके उन क्षेत्रों में शामिल हैं जिन्हें पाकिस्तानी सैनिकों ने निशाना बनाया है। नैवाला में शिविर में सीमावर्ती इलाके के रहने वाले लोगों ने राशन और पानी की कमी को लेकर प्रदर्शन भी किया है। संतोष देवी जोडियान ने कहा, हमने शिविर में खाने और पानी की मांग की है। जोडियान के 60 परिवार नियंत्रण रेखा के पास के अपने घरों को छोड़ कर आए हैं और यहां के शिविर में उन्होंने शरण ली है लेकिन अधिकारियों ने उनसे खादह खाड़ी शिविर जाने के लिए कहा लेकिन उन्होंने जाने से इनकार किया और प्रदर्शन किया।