लखनऊ: ऐशबाग रामलीला मैदान से प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकियों की मदद करनेवाले और उन्हें पनाह देनेवाले बख्शे नहीं जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और हमें इसे खत्म करने का संकल्प लेने की जरूरत है। वे आज यहां दशहरा उत्सव में शामिल होने पहुंचे थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि मुझे आज सबसे पुराने रामलीला समारोह में शामिल होने का मौका मिला। उन्होंने "जय श्रीराम" उद्घोष के साथ भाषण की शुरुआत की और "जय श्रीराम" उद्धोष के साथ ही भाषण का समापन भी किया।
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उन्होंने कहा कि रावण को जलाते समय एक ही संकल्प होना चाहिए, हमारे भीतर, हमारी सामाजिक संरचना में, जीवन की बुराइयों को भी ऐसे ही खत्म करके रहेंगे। हर साल बुराइयों को खत्म करने के संकल्प को दोहराते हुए उसका मूल्यांकन भी करना चाहिए। दशहरे में हम अपने भीतर की दस कमियों को खत्म करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सबसे पहली लड़ाई जटायु ने लड़ी थी। सवा सौ करोड़ देशवासी चौकन्ने रहें तो आतंकवाद का ढंग से मुकाबला किया जा सकता है। आतंकवाद की जो मदद करते हैं अब तो उनको भी नहीं बख्शा जा सकता है। पूरे विश्व में मानवतावादी शक्तियों को एक होकर लड़ाई लड़नी पड़ेगी।
पीएम ने कहा-"आज गर्ल चाइल्ड डे है। मां के गर्भ में कितनी बेटियों को मौत के घाट उतार देते हैं। हमारे घर में पैदा होनेवाली बेटियों को बचाने के लिए जटायु तो बनना पड़ेगा। ओलंपिक में बेटियों ने देश को मेडल दिलाए। बेटे-बेटियों में फर्क नहीं होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि चाहे किसी भी समाज, धर्म से जुड़े क्यों न हो, हमें बेटियों को अधिकार संपन्न करते हुए उन्हें बचाना होगा। रावण रूपी मानसिकता को खत्म करने की जरूरत है।