उत्तर प्रदेश: यूपी के मुजफ्फरनगर गांव में शराब की दुकान के खिलाफ महिलाओं के एक समूह ने राजमार्ग से शराब की एक दुकान का गांव में स्थानांतरण होने के बाद उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और बोपारा में यातायात को रोक दिया। अधिकारियों के मुताबिक यह प्रदर्शन कल हुआ और इससे कई घंटों तक मानसुरपुर-शाहपुर सड़क यातायात प्रभावित रहा।
गौरतलब हैं कि इससे पहले भी भदोही के अहमदपुर फुलवरिया गॅाव में शराब की दुकान के बाहर महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किया था तथा दुकान के बाहर ताला लगा दिया था, महिलाओं की मांग थी कि दुकान को हटा दिया जाये क्योकि गॅाव में उससे अराजकता का माहौल हैं और उनके परिवार के लोग अपनी कमाई पीने में गवां देते हैं। शाम को महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो जाता महिलाओं ने झाड़ू,जूते-चप्पल लेकर प्रदर्शन किया, गांव में ये माहौल देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
शराब पीकर गाड़ी चलाने की समस्या से निपटने के लिए राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्गो से 500 मीटर की दूरी के अंदर शराब की दुकानों को बंद करने के उच्चतम न्यायालय ने ये आदेश दिये थे कि राजमार्गों पर शराब की बिक्री नहीं होगी तथा एक अप्रैल 2017 से हाईवे पर इस तरह की दुकानें नहीं होंगी। शराब की दुकानों के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं होगा. नए लाइसेंस जारी नहीं होंगे. सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में यह फैसला लागू होगा। इसके साथ ही राजमार्गों के किनारे लगे शराब के सारे विज्ञापन और साइन बोर्ड हटाए जाएंगे। राज्यों के चीफ सेकेट्री और डीजीपी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने की निगरानी करेंगे। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद यह शराब की दुकान गांव में स्थानांतरित कर दी गयी थी। अधिकारियों के मुताबिक इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।
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