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'जूं' को हल्के में ना लेना! 12 साल की बच्ची के सिर में ज्यादा जूं होने से पूरे शरीर में फैला संक्रमण, हो गई मौत

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Feb 09, 2026 04:36 pm IST,  Updated : Feb 09, 2026 05:00 pm IST

ओडिशा के पुरी जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 12 साल की बच्ची की जूं की वजह से मौत हो गई। सिर में बहुत ज्यादा जूं होने की वजह से बच्ची के शरीर में संक्रमण फैल गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

सिर में 'जूं' की वजह से बच्ची की हुई मौत।- India TV Hindi
सिर में 'जूं' की वजह से बच्ची की हुई मौत। Image Source : REPORTER INPUT

पुरी: ओडिशा के पुरी जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। बलंगा थाना क्षेत्र के चंपागड़ा साही गांव की रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची की जूं की गंभीर समस्या के कारण मौत हो गई। यह घटना न केवल एक मासूम की जान जाने की कहानी है, बल्कि लापरवाही और समय पर इलाज न मिलने के खतरनाक परिणामों की भी चेतावनी है।

सिर में जूं की समस्या से पीड़ित थी बच्ची

मृत बच्ची की पहचान लक्ष्मी प्रिया साहू के रूप में हुई है। वह लिंगराज साहू की बेटी थी और कक्षा छठी की छात्रा थी। परिवार के अनुसार, लक्ष्मी प्रिया पिछले कई महीनों से सिर में जूं की गंभीर समस्या से पीड़ित थी। शुरुआत में इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज किया गया, लेकिन समय के साथ जूं की संख्या बढ़ती गई और उसकी खोपड़ी को बुरी तरह नुकसान पहुंचाने लगी।

मां ने सिर मुंडवाने की दी थी सलाह

लक्ष्मी की मां ने कथित तौर पर कई बार उसे सिर मुंडवाने की सलाह भी दी थी, ताकि जूं से छुटकारा मिल सके, लेकिन बच्ची ने इससे इनकार कर दिया। धीरे-धीरे हालत इतनी बिगड़ गई कि सिर में घाव बन गए और उनमें संक्रमण फैल गया। संक्रमण के कारण उसके सिर से तेज बदबू आने लगी, जिससे उसने शर्म के कारण घर से बाहर निकलना भी बंद कर दिया।

संक्रमण फैलने से तबीयत हुई खराब

मां का कहना है कि तीन दिन पहले लक्ष्मी की तबीयत अचानक और ज्यादा खराब हो गई। उसे उल्टियां होने लगीं और उल्टी में खून भी आने लगा। घबराए परिजन उसे तुरंत पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक संक्रमण बहुत ज्यादा फैल चुका था। तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई।

मौत का कारण बनी लापरवाही

लक्ष्मी प्रिया की मौत ने यह साफ कर दिया है कि बच्चों की सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या को हल्के में लेना कितना खतरनाक हो सकता है। समय पर साफ-सफाई, सही सलाह और चिकित्सकीय इलाज शायद एक मासूम की जान बचा सकता था। यह घटना सभी माता-पिता और समाज के लिए एक कड़वी लेकिन जरूरी सीख बनकर सामने आई है। (इनपुट- शुभम कुमार)

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