असम विधानसभा चुनाव: मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने शुक्रवार को तीखा बयान दिया है। सरमा ने कहा कि अगर अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में वापस आता है, तो उनकी सरकार राज्य में बांग्लादेशी मियां समुदाय की कमर तोड़ देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा असम में मजबूत असमिया समाज के निर्माण के लिए काम करेगी। लखीमपुर जिले के ढाकुआखाना में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, ''हमने राज्य के मूल निवासियों के लिए बहुत मेहनत की है। जो लोग बांग्लादेश से आकर असम की जमीन और घरों पर अतिक्रमण कर रहे थे, हमने राजनीतिक रूप से उनके हाथ-पैर तोड़ दिए।''
हम बांग्लादेशी मियाओं की कमर तोड़ देंगे
सीएम सरमा ने कहा, ''इस बार हम बांग्लादेशी मियाओं की कमर तोड़ देंगे, ताकि वे असमिया लोगों के लिए चुनौती बनने की हिम्मत न कर सकें। बता दें कि मियां मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है, और गैर-बांग्ला भाषी लोग आम तौर पर उन्हें बांग्लादेशी अप्रवासी मानते हैं।
दो लाख नौकरियों का वादा किया
बिहपुरिया में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए सरमा ने जीतने के बाद अपने अगले कार्यकाल में युवाओं के लिए दो लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया। सीएम ने आगे कहा कि 10 लाख युवाओं को उद्यम के लिए दो लाख रुपये प्रति व्यक्ति की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा. जहां भाजपा के नेतृत्व वाली निवर्तमान सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही थी, वहीं अगली सरकार बनने पर वह शिक्षा को मुफ्त कर देगी।
सरमा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
रंगनाडी में एक अन्य रैली में मुख्यमंत्री सरमा ने विपक्षी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि असम में कांग्रेस कभी सत्ता में वापस नहीं आएगी। उन्होंने राज्य के कुछ हिस्सों, विशेषकर निवर्तमान विधानसभा में कांग्रेस विधायकों पर इन क्षेत्रों में पिछड़ेपन और अल्पविकास के लिए जिम्मेदार ठहराया।
(इनपुट-पीटीआई )